कोरोना वायरस Corona Virus Treatment in Hindi

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कोरोना वायरस सम्पूर्ण जानकारी एंव उत्तम सुझाव
Corona Virus or nCov / कोरोना वायरस की शुरूआत चीन के वुहान शहर से हुई है। कोरोना वायरस एक तरह का संक्रमण है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति पर बड़े आसानी से फैल जाती है। कोरोना वायरस धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैल रहा है। WHO ने करॉना वायरस को इंटरनैशनल हेल्थ इमरजेंसी (महामारी) घोषित कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नोवेल कोरोनावायरस का नया नाम (Covid 19) ‘कोविड-19’  दिया है, को- कोरोना, वि- वायरस और डी का मतलब डिजीज है।
सार्स वायरस (सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) की भी शुरूआत 2002-2003 में चीन से ही हुई थी। मर्स वायरस  भी 2010 - 2011 में चीन से शुरू हुआ था। हर तरह के नये नये घातक वायरस आखिर चीन में ही क्यों पनपने हैं? सार्स, मर्स वायरस एक साधारण वायरस था। परन्तु कोराना वायरस घातक वायरस है। यह पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले रहा है। चीन विश्व के लिए घातक बनता जा रहा है। चीनी लोगों का खान-पान (गलत मांसाहार नीति), जीवन शैली, गतिविधियां विश्व के लिए घातक बनती जा रही हैं।
चीनी लोग चमगादड़, सांप, छिपकली, बिच्छू, कुत्ता, बिल्ली, काॅकरोच, कछुआ, सूअर, ऑक्टोपस, कीडे-मकोड़े, बंदर, लंगूर, मगरमच्छ, गधे, गाय, भैंस, लोमड़ी, मेंढ़क, चूहे, भेड़, बकरी, मुर्गे, दीमक, चींटी, नेवला, बत्तख, केंचुएं, जौंक, सड़ी लकड़ी के कीड़े, बरसाती हरे कीड़े, तितली से घरती - समुद्र तक पाये जाने वाले किसी भी तरह के जीव जन्तु को कच्चा या पका कर खा जाते हैं। कुछ भी खाने से नहीं चूकते चीनी लोग। कोरोना वायरस भी इन्हीं किसी इन्फेक्ट सोर्स से आया है। प्रकृति ने इंसान के लिए अन्न, फल, सुन्दर वातारण के साथ श्रेष्ठ दिमाग बनाया। परन्तु इंसान ने प्रकृति दोहन इस कदर किया कि आज प्रकृति विभिन्न तरह के रोगों, महामारी और प्राकृतिक आपदा के रूप में इंसान से वो सब वसूल रही है। जोकि आने वाले समय में मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

कोरोना वायरस क्या है? / What is Corona Virus (Covid 19) ?
कोरोना वायरस का सम्बन्ध सी.ओ.वी. वायरस केटेगरी से है। जिसे सीवियर एक्यूट रेस्पिरेपरी सिंड्रोम भी कहा जाता है। अकसर मनुष्य शरीर पर 7 तरह के वायरस संक्रमित होते हैं, जिसमें से यह सातवां वायरस है। जिसमें व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, छाती में जकड़न, जुकाम और बुखार अनियंत्रित रहना है। कोरोना वायरस के एक तरह से निमोनिया जैसा लगता हैं। परन्तु यह शरीर से प्लेटलेटस् कम कर देता है। और फेफड़ों को संक्रमित  करती है। और सक्रमित व्यक्ति की रोगप्रतिरोधक क्षीण हो जाती है। और कोरोना वायरस में एंटीबायोटिकस दवाईयां काम नहीं कर रही हैं। कोरोना वायरस खासतौर पर जानवरों के सड़न गलन के द्धारा उत्पन्न घातक वायरस है। जोकि इंसानों के लिए घातक है। और यह वायरस इंसानों के अलावा चमगादड, बिल्ली, सूअर जानवरों एवं पक्षियों में भी फैल सकता है। (Covid 19) कोरोना वायरस लगभग 4 - 9 दिन तक भी ग्रसित व्यक्ति के द्वारा वस्तुओं के छूने पर भी उस वस्तु पर जीवित रह सकता हैं। यह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति पर प्रवेश कर रहा है। संक्रमित व्यक्ति के द्वारा छींकने पर आसपास लगभग 8 से 10 फीट तक दूर वाले स्वस्थ व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। यह कारण है कि कोरोना वायरस तेजी से विश्व को अपनी चपेट में ले रहा है। कोरोना वायरस एक तरह से छूत की महामारी बीमारी है। एक तरह से कोरोनावायरस को कई वायरसों का समूह भी कह सकते हैं।

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कोरोना वायरस के खास लक्षण / Corona Virus Symptoms
  • सांस लेने में परेशानी
  • छाती में जकड़न
  • फेफड़े संक्रमित होना
  • तीब्र जुकाम
  • सूखी खांसी
  • छींक 
  • नांक बहते रहना
  • बुखार नियत्रंण में नहीं रहना
  • शरीर टूटना
  • चक्कर आना
  • सरदर्द
  • उल्टी आना
  • चलने फिरने जल्दी थकान महसूस होना
इस तरह के लक्षण होने पर पर तुरन्त स्वास्य जांच करवायें।

कोरोना वायरस के सावधानियां एवं सुझाव / Corona Virus Prevention Tips
  • नित्य गर्म पानी पीयें। ठंड़ा पानी सेवन से बचें। गर्म पानी कोरोना वायरस को शुरूआती लक्षण में रोकने में सहायक है।
  • नाॅनवेज सेवन से बचें। मांसाहारी व्यक्तियों में कोरोना वायरस तेजी से फैलता है।
  • आपने आस पास स्वच्छ बनाने रखें। गंदगी नहीं फैलने दें।
  • बाहर जाने पर मेडिकेटेड मास्क पहनकर ही जायें।
  • हमेशा खाने से पहले हाथों को मेडिकेटेड साबुन से धोएं।
  • अनावश्यक हाथ मिलाने से बचें।
  • सामने वाले व्यक्ति से 4 - 5 मीटर की दूरी बनाकर रखें। 
  • छींकने, खांसनें पर रूमाल आदि का इस्तेमाल करें।
  • साबुन, तौलिया, ब्रश, कपड़े, विस्तर, इलेट्रोनिक गेजेटस आदि दूसरे व्यक्ति के इस्तेमाल करने से बचें।
  • जानवरों, मर्गी-फार्म हाउस विभिन्न तरह के जन्तुओं की गंद दुर्गंध से बचें।
  • बायोमेट्रिक्स मशीनों जैसे कार्यालय में सुबह शाम उपस्थिति लगाना, ए.टी.एम. मशीन या फिर अधिक संख्या में एक ही बटन को इस्तेमाल होने वाली बायोमेट्रिक्स सिस्टम का कम से कम उपयोग करें। इस्तेमाल के तुरन्त बाद हाथ धोयें। क्योंकि हाथ कोशिकाओं में बैक्टीरिया, कीटाणु बहुत मात्रा में चिपकते हैं। 
  • आंख मलने, नाक छूने या नांक में उगली डालने, कान में उगली डालने, होंठ छूना या होंठों पर जीभ लगाना, चहरे को छूने या शरीर के नाजुक (कोमल) अंगों को छूने से बचें। इसके अलावा शरीर में बने चोट - घाव के माध्यम से भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। 
  • खुजली करना और मुंह में उंगली डालने, मुंह खोलकर उबासी - जमाई (यॉनिंग) से बचें। हाथों के द्धारा संक्रमित कीटाणु शरीर के संवेदनशील अंगों के माध्यम से प्रवेश कर सकता है। इस तरह की छोटी-छोटी गंदी आदतों से भी कोराना वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।
  • ऑफिस लिफ्ट, माॅल लिफ्ट, सिनेमा हाॅल लिफ्ट या फिर सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल होने वाले लिफ्ट की बटन भी कोरोना वायरस संक्रमण का कारण बन सकती है। लिफ्ट बटनों को इस्तेमाल भी सावधानीपूर्वक करें। लिफ्ट के इस्तेमाल के बाद हाथों को छोयें। संक्रमित व्यक्ति द्धारा लिफ्ट बटनों के इस्तेमाल से भी कोरोना वायरस फैल सकता है।
  • हाथों पर बार-बार सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। और अपने आस पास रूम फ्रेशनर या बैक्टीरिया रिमूवर स्प्रे का इस्तेमाल करेें।
  • 12 घण्टे से ज्यादा फ्रीजर में खाने पीने की चीजें नहीं रखें, बासी भोजन सेवन से बचें। ठंड़ा - बासी भोजन करने से सर्दी जुकाम लगने पर संक्रमित व्यक्ति से कोराना वायरस जल्दी शरीर में प्रवेश कर सकता है।
  • किचंन में अदरक, लहसुन, ईलायची, गर्ममसालों का नित्य इस्तेमाल करें। यह चीजें एक तरह से प्राकृतिक एंटीबायोंटिक, एंटीसेपटिक और एंटीफंगल का काम करती है। शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत बनाये रखी हैं।
  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
  • सेहतमंद आहार और जीवनशैली को अपनाएं ।
  • तीब्र सर्दी जुकाम सूखी खांसी लक्षण होने पर तुरन्त जांच करवायें।
  • फलों सब्जियों से काटने से पहले 10 मिनट तक पानी में डुबों कर रखें। फिर अच्छे से धोकर काटे। बाजार से लाकर बिना साफ सफाई के इस्तेमाल से बचें। फलों और सब्जियों के माध्यम से भी संक्रमित व्यक्ति से करोना वायरस आ सकता है।
  • संक्रमित व्यक्ति के माध्यम से नोटो, कागज, स्टेशनरी, बाजार में मौजूद हर सामग्री की लेन-देन से भी कोराना वायरस आ सकता है। खरीददारी भी ध्यानपूर्वक करें।
  • संक्रमित व्यक्ति द्धारा तैयार खाने-पीने की चीजों से भी वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। दुकान, ढ़ाबा, भोजनालय, जलपान गृह, होटल या सार्वजनिक स्थानों में खाने पीने की चीजों पर ध्यान देना जरूरी है। कोराना वायरस एक तरह से छूत की बीमारी है। 
  • आईसक्रीम, बंद डिब्बे की खाद्यसामग्री सेवन से बचें। खासकर पैक्ड नाॅनवेज, पुराना अचार आदि।
  • सड़ी गली चीजें नहीं खायें।
  • अन्य व्यक्ति का जूठन (जूठा) खाने से बचें या लंच टिफिन शेयर करते समय सवधानी बर्तें। पक्षियों के द्वारा खाये चखे गये फल, दूषित सब्जियों या दूषित अनाज आदि तरह की खाने पीने की चीजों से परहेज करें। 
  • अनावश्यक घर से बाहर नहीं जायें। बाहर से अपने पर तुरन्त घर में प्रवेश नहीं करें। पहने गये जूत चप्पल घर के बाहर ही उतार दें, धूप में सुखने के लिए छोड़ दें। पांव घोकर घर में प्रवेश कर सीधे बाथरूम में जाकर कपड़े बदलें और नहायें। कपड़ों को तुरन्त धों लें। नहाने से बालों एवं शरीर में चिपक कोरोना वायरस कण नष्ट हो जाते हैं। और संक्रमण फैलने से बचा जा सकता है।
  • दूध, अन्य तरह के तरल पदार्थ एंव खाद्य सामग्री पैक्ड सीलबंद ही खरीदें। इस्तेमाल से पहले साफ कर धो लें। खुली हुई चीजें लेने से बचें।
  • कीबोर्ड, माउस, आफिस बैग, दरवाजे हैण्डल, गेट, पेन, मेज, कार हैण्डल, मोटरसाईकल हैण्डल, इस्तेमाल होने वाली धातु वस्तुओं पर सूती कपड़े पर सैनिटाइजर लगाकर सफाई करें। बार-बार हाथों पर सैनिटाइजर लगायें।
  • चाय, काॅफी, जूस, भोजन आदि कुछ भी लेने से पहले हाथों को साबुन से साफ कर धायें। फिर कुल्ला करें और मुंह धोयें। दूषित हाथों से खाने पीने से बचें। कोरोना वायरस कण को शरीर में प्रवेश नहीं होने दें।
  • धूम्रपान, तम्बाकू, गुटका पान आदि तरह के विभिन्न नशीले पदार्थों के सेवन से बचें। नशा सामग्री से भी कोरोना वायरस आसानी से शरीर में प्रवेश कर सकता है।
  • सुबह शाम गुनगुने पानी में नमक हल्दी मिलाकर गर्रारा करें। गुनगुने पानी के गर्रारा करने से गला सफा रहता है, और शुरूआती संक्रमण को निष्क्रीय किया जा सकता है। गुनगुने पानी का गर्रारा शुरूआती सर्दी जुकाम - संक्रमण रोकथाम में सक्षम है।
कोरोना वायरस होने पर क्या करें? / Coronavirus / nCov
आंकड़ों अनुसार कोरोना वायरस ग्रसित व्यक्ति पर दवाईयां असर नहीं के बराबर करती हैं। और एंटीबायोटिक दवाईयों भी जल्दी असर नहीं करती है। कोरोना वायरस में चिकित्सकों के लिए ग्रसित व्यक्ति की प्लेटलेटस् कम होने से बचाना और फेफड़ों से संक्रमण कम करना किसी चुनौंती से कम नहीं है। इम्यून सिस्टम में सुधार होने पर समय 30 से 40 दिन तक लग सकते हैं। कोरोना वायरस मरीजों को तीन श्रेणी में रखा जा सकता है। और उपचार भी उसी क्रम से किया जा सकता है। जिससे वायरस को फैलने से रोका जा सकता हैं प्रथम श्रेणी जिन व्यक्तियों को कोरोना वायरस के लक्षण हैं। द्वितीय श्रेणी जिन लोगों को पुष्टि हो चुकी है। और तृतीय जो व्यक्ति गम्भीर स्थिति में हैं। कोरोना वायरस में दवाईयों के साथ - साथ प्राकृतिक एंटीबायोटिक लेना अधिक फायदेमेंद है। जोकि ग्रसित व्यक्ति को जल्दी स्वस्थ करने में सहायक हो सकती हैं।

कोरोना वायरस ग्रसित व्यक्ति के लिए खान पान और घरेलू उपचार / Best Foods for Corona Virus Patients & Home Remedies

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अपने आप को तैयार रखें, घबराये नहीं
कोरोना वायरस लक्षण महसूस होने पर या पाॅजिटिव रिपोर्ट आने पर घबराये नहीं। संयम से काम लें। कोरोना वायरस से सम्बन्धित सावधानियां बर्तें, सकारात्मक सोच रखें, व्यायाम - योगा करें, सही खान पान, अच्छी जीवन शैली अपनायें और उत्तम उपचार करवायें। कोई भी बीमारी गम्भीर नहीं होती है।, परन्तु अन्दर से कमजोर होने पर बीमारी गम्भीर हो जाती है। कोरोना वायरस भी ज्यादा गम्भीर नहीं है। लोगों की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। कोरोना वायरस से दुनिया भर में लोग क्योर भी हो रहे हैं। 

गर्म पानी पीना 
पानी उबाल कर पीयें। गर्म पानी पीने से कोरोना वायरस संक्रमंण कम होता है। खूब पानी पीयें। शरीर में पानी कमी नहीं होने दें।

व्यायाम - योगा रखे चुस्त दुरूस्त
रोज सुबह शाम व्यायाम करें। खूब पसीना बहायें। शरीर को चुस्त रखें। शरीर जितना फुर्तीला और चुस्त होगा इम्युन सिस्टम मजूबत बनेगा। आंकड़ों अनुसार कोराना वायरस के मामले अधिकत्तर तौर पर छोटे बच्चे, बूढे और इम्यून सिस्टम कमजोर वाले व्यक्तियों पाये गये हैं। नित्य योगा व्यायाम करें। शरीर को चुस्त फुर्तीला रखें। आलस्य होने से बचें।

लहसुन और अदरक पानी पीना / लहसुन अदरक किचंन में इस्तेमाल
लहसुन एक तरह से रिच एंटीबायोटिक, एंटीआक्सीडेंट, एंटीफंगलस विभिन्न गुणों को स्रोत है। लहसुन - अदरक वायरस, संक्रमण रोकथाम में सहायक है। आर्युवेदा ज्ञातां कोरोना वायरस से बचने के लिए लहसुन  अदरक को एक अच्छा माध्यम मानते है। लहसुन अदरक को किचंन में खूब इस्तेमाल करें। 1 चम्मच लहसुन, अदरक और काली मिर्च का पानी पीयें, या फिर बनाने में अदरक हलसुन काली मिर्च का इस्तेमाल करें।

अश्वगंधा
अश्वगंधा एक प्राकृतिक औषधि रूप है। अश्वगंधा फेफड़ों के इंफेक्शन को कम करने में सहायक है। फेफड़ों के संक्रमण और गले की खराश रोकथाम और रोगप्रतिरोधक बढ़ाने में अश्वगंधा खास मानी जाती है।

पापीता
प्लेटलेटस् को नियंत्रण में रखने के लिए पका पपीता खायें। दिन में एक बार पपीते पत्तों का रस पीना फायदेमंद है। पपीता इम्यून सिस्टम को बढ़ाने का अच्छा माध्यम है।

गिलोया
कोरोना वायरस संक्रमंण को मात देने में गिलाये जूस पीना फायदेमंद है। गिलोया वायरस को कम करने और प्लेटलेटस् को बढ़ाने का अच्छा माध्यम है। गिलोय एक तरह से प्राकृतिक एंटीबोयाटिक है।

कालीमिर्च
कालीमिर्च रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा माध्यम माना जाती है। वायरस संक्रमण से बचने के लिए रोज कालीमिर्च पाउडर खाना बनाने में इस्तेमाल करना फायदेमंद है। और कालीमिर्च पाउडर का इस्तेमाल काढ़ा, सलाद, जूस, चाय में करें।

संतरे
इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए संतरे खाना फायदेमंद है। इम्यून सिस्टम मजबूत रहने पर कोरोना वायरस जल्दी से संक्रमित नहीं कर सकता। रोगप्रतिरोधक क्षमता कमजोर नहीं होने दें।

मूंगदाल
कोरोना वायरस में मूंगदाल तरल बनाकर पीना फायदेमंद है। मूंगदाल में 13 तरह के विटामिनस मिनरस मौजूद होते हैं। और मूंगदाल को मरीज आसानी से पाचन भी हो जाती है।

मुलहटी
तीब्र खांसी, गले की जकड़न, कफ बलगम समस्या में मुलहटी खास आयुर्वेदिक औषधि है। मुलहटी से बायरस में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा माध्यम है।

अनार और मौसमी जूस
कोरोना वायरस होने पर मरीज के अनार और मौसमी का मिक्स जूस पीना काफी फायदेमंद है। यह मिक्स जूस पीने से शरीर को विटामिन ए, बी 5-6, सी, इ, फालिक एसिड, ओमेगा 3-5, राइबोफलेबिन, आयरन इत्यादि तरह के जरूरी पौषक तत्वों की पूर्ति आसानी से हो जाती है।

लाल गाजर सलाद और कच्च पपीता सलाद
गाजर और कच्चा पपीता सलाद में सेंधा नमक, नीबूं निचैड़कर चबाबचा कर खाना फायदेमंद है। यह मिक्स सलाद सेवन एक तरह से प्लेटलेटस् को नियंत्रण करने और शरीर में रक्त साफ करने का कार्य भी करती है।

एलोवरा जूस
एलोवरा जूस प्लेटलेटस् घटने से बचाने में सहायक है। एलोवरा एक तरह से वायरल संक्रमण को नियंत्रण करता है। काफी हद तक कोरोना वायरस प्रभाव को कम करने और प्लेटलेटस् बढ़ाने में प्राकृतिक एलोवरा जूस सेवन फायदेमंद है। स्वस्थ व्यक्ति भी 30 एमएल तक एलोवरा जूस पी सकता है। जिससे शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ी रहती है।

धूप सेंकना
धूप सेकने से शरीर में इम्यून सिस्टम में सुधार होता है। धूप कोरोनावायरस का खात्मा नहीं कर सकती, परन्तु शरीर में इम्यून सिस्टम को बढ़ाने का अच्छा माध्यम है। जोकि शरीर पर प्रवेश करने वाले संक्रमण को रोकथाम और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। और धूप सेकने से शरीर - कपड़ों पर चिपके कीटाणु विषाणु भी नष्ट हो जाते हैं।

दवाईयां 
कोरोना वायरस में Immunodeficiency, Fever Formulations, Influenza Vaccines, HIV Dotes  & Flu Antidotes, Antibiotics, (Hydroxychloroquine, Azithromycin), Remdesivir तरह की दवाईयां इस्तेमाल की जा सकती है। जिसमें होम्‍योपैथ‍िक, आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं - उपाय शामिल हैं। कुछ खास दवाएं नीचे लिखी गई हैं। जोकि वायरस असर को धीरे-धीरे कम कर  सकती है। वायरस ग्रसिता केे फेफड़े, किड़नी और लिवर फंक्शन को दुरूस्त करेगी और प्लेटलेटस् गिरने से बचाती है। जबकि अभी तक कोरोना वायरस से बचने के खास दवा नहीं बनाई जा सकी है।

आयुष मंत्रालय - कोरोनावायरस से लड़ने में सहायक होम्‍योपैथ‍िक, आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं / Coronavirus Medicine in Hindi

कोरोनावयरस में  बचाव के लिए आयुर्वेदिक  दवाएं
1. अगस्त्य हरीतकी (5gm)
2. संशमनी वटी (500 gm)
3. त्रिकटु चूर्ण (5 gm)
4. प‍िपालीए म‍रीच (5 gm)
5. शुंत‍िद्ध (5 gm)
6. प्रतिमर्श नस्य (2 drops)

कोरोनावयरस में  बचाव के लिए यूनानी दवाएं 

1. शरबत उन्नाब / SharbatUnnab (10-20ml)
2. त‍िर्यकअर्ब / TiryaqArba (3-5 gm)
3. त‍िर्यकनज्ला/ TiryaqNazla (5 gm)
4. खमीरा मरवारीद / KhamiraMarwareed (3-5 gm)
5. स‍िर और छाती की मसाज / RoghanBaboona/ Roghan Mom/ Kafoori Balm
6. रोगन बनफ्सा  नाक में डालें / RoghanBanafsha
7. अर्कअजीब / 4 - 8 Drops
8. हब्‍ब.ए.इक्‍शीर -बुखार - बुखार होने पर  / Habb e Ikseer Bukhar 
9. शरबतनज्ला / SharbatNazla (100ml)
10. क्‍यूर्स.ए.सौल / Qurs e Suaal 

कोरोनावयरस में  बचाव के लिए होम्‍योपैथि‍क दवाएं 

1. आर्सेनिकम एल्बम / Arsenicum Album-30
2. आर्सेनिकम एल्बम 30 / Arsenicum Album-30
3. आईएलआई  / ILI (संक्रमण रोकथाम के लिए)


कोरोना वायरस नाशक आयुर्वेदिक काढ़ा

वायरस सक्रमण के रोकथाम में यह आयुर्वेदिक काढ़ा काफी असरदार साबित हो सकता है। जोकि पाॅजिटिव मरीज को 10 दिनों के अन्दर नेगेटिव कर सकती है। यह खास अचूक काढ़ा सांस जकड़न, फफड़ों के सक्रमण, खराश को तेजी से ठीक करता है। इस खास काढ़े को कोरोना मरीजों को ठीक करने के लिए हस्पतालों, क्वारांइटाइन सैन्टरों में दिया जाना चाहिए। और इस काढ़े को स्वस्थ व्यक्ति भी पी सकता है। यह एक तरह से वायरस संक्रमण से बचाने में सक्षम है। सुरक्षित है। 

कोरोना वायरस में काढ़ा बनाने की सामग्रीः

  • काली मिर्च
  • सौंठ (अदरक)
  • गिलोय
  • पिप्पली
  • हेड़ा (हरतिकी)
  • कालमेघ
  • मुलेठी
बताई गई सामग्री आपको आसानी से पंसानी दुकान में मिल जायेगी। या आनलाइन भी मंगवा सकते हैं।

विधिः

उपरोक्त सामग्री को लगभग 300 ग्राम पानी में हल्की आंच में उबालकर काढ़ा बनायें। फिर काढ़ा छान का सेवन करें। यह काढ़ा 10 दिनों तक सुबह शाम पीयें। यकीन माने यह काढ़ा बहुत ही फायदेमंद हो सकती है।


नोट: कोरोना वायरस लक्षण महसूस होने पर तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करें। समय पर स्वास्थ्य जांच करवायें। जीवन अनमोल है। Corona Virus / Covid 19 तेजी से दुनिया को चपेट में ले रहा है। रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ायें, कोरोना वायरस को आयुर्वेक उपायों से कमजोर किया जा सकता है। और वायरस को जड़ से मिटा दिया जा सकता है।

हेल्पलाइन नंबर : 
Ministry of Health & Family Welfare's 24X7 helpline at 1075 or 011-23978046
9013151515, 11-23978046, 011-27708768, 011-29531277, 011-25195529, 011-25951182, 9039146673, 8618610952903, 8618612083629, 07412-231240 ई-मेल भी ncov2019@gmail.com

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