माइग्रेन के कारण migraine causes in hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide माइग्रेन के कारण migraine causes in hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

माइग्रेन के कारण migraine causes in hindi

अधिकत्तर माइग्रेन सरदर्द सिर के एक हिस्से में होता है। कभी कभी बदल कर दूसरे हिस्से में होने लगता है। माइग्रेन मस्तिष्क से लेकर गर्दन के ऊपरी और निचले हिस्से, कानों के ऊपरी हिस्से में भी हो सकता है। माइग्रेन सरदर्द महिलाओं और पुरूर्षों दोनों में होता है। परन्तु पुरूर्षों की तुलना में माइग्रेन (सरदर्द) महिलाओं में अधिक होता है। शोध अनुसार माइग्रेन का शिकार युवा वर्ग अधिक हो रहा है। बदलती जीवनशैली, खानपान, रहन-सहन, जीवन में सफलता के कम्पीटिशन, उचित शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय आदि तरह के विभिन्न कारणों से युवा वर्ग जल्दी माइग्रेन का शिकार हो रहे हैं। कुछ खास आदतें माइग्रेन का कारण बन सकती हैं।

माइग्रेन के कारण / Migraine Causes / Migraine ke Karan

migraine-ke-karan, migraine-in-hindi, sir-dard-kab-hota-hai, migraine-sir-dard-karan, daily-habits-can-causes-migraine-hindi, causes-of-migraine, migraine-karan-jane, hindi-tips-for-migrane , माइग्रेन, अधकपारी

तनाव में रहना 
लम्बे समय तक फिक्र, उलझनों, परेशानियों, सहनशीलता की कमी, क्रोध, अहंकार, झूठे हम की वजह से व्यक्ति अवसाद, तनाव का शिकार हो जाता है। मन में शालीनता और मधुर बोलें। किसी बात विवाद, तर्क-वितर्क, उलझन, परेशानी आदि तरह की जटिल चीजों में उलझें नहीं। उन्हें ठंड़े दिमाग से सोचे और समझें फिर निर्णय लें।

खान-पान समय सारणी 
नित्य दिनचर्या में खाना खाने का टाईम टेबल बनायें, बनाये गये समय पर ही नाश्ता, दिन का भोजन और रात्रि भोजन करें। असामयिक भोजन रूटीन व्यक्ति के पाचनतंत्र गड़बड़ी से लेकर माइग्रेन का शिकार बना सकता है। ज्यादा देर तक भूखे रहना, एक वक्त छोड़कर खाना, कम खाना, अधिक खाना भी माइग्रेन का कारण बनता है। संतुलित और पौष्टिक भोजन करें। भोजन समय सारणी अनुसार करें। भोजन सीमित मात्रा में करें।

पर्याप्त पानी
कम पानी पीने से भी माइग्रेन समस्या हो सकती है। कम पानी पीने से माइग्रेन के अलावा विभिन्न बीमारियां हो जाती हैं। हर 1 घण्टे बाद कम से कम आधा गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। पानी पाचन तंत्र दुरूस्त, माइग्रेन से दूर और शरीर अंगों को स्वस्थ रखने में सहायक है। पानी पीने के नियम अपनाएं।

दवाईयों का अधिक सेवन 
लगातार दवाईयों का सेवन भी माइग्रेन सरदर्द का एक मुख्य कारण है। अधिक दवाईयां सेवन से इस्कीमिक / स्ट्राॅक का खतरा बना रहता है।

गर्भनिरोधक गोलियां 
गर्भनिरोधक दवाईयां सेवन करने वाली महिलाओं को माइग्रेन सरदर्द होने की सम्भावनाएं अधिक रहती है। ज्यादा गर्भनिरोधक दवाईयां सेवन से बचें। गर्भनिरोधक दवाईयां माइग्रेन के अलावा यू.टी.आई, अण्डाश्य और अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव डालती है।

विटामिन कमी 
शरीर में विटामिन बी कम्पलेक्स, विटामिन डी, राइबोफ्लेबिन और कोइन्जाम क्यू-10 की कमी के वजह से भी माइग्रेन सरदर्द हो सकता है। आहार में हरी सब्जियां, फल, फल रस, दुग्ध खाद्यपदार्थ और डाईफ्रूटस् शामिल करें। जंकफूड्स - फास्टफूड्स - बाहर के खाने से बचें।

तंग टाइट कपड़े 
ज्यादा फैशनेबल तंग (टाइट) पहनावा भी माइग्रेन सरदर्द का एक कारण होता है। शरीर पर तंग पहनावा से अतिरिक्त दवाव पड़ने से माइग्रेन के अलावा कमरदर्द, पेटदर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, रक्त संचार में रूकावट और हार्मोंस बदलाव एक मुख्य कारण है। हमेशा कपड़े आरामदायक ही पहनने चाहिए।

चाय काॅफी - कैफीन 
चाय काॅफी समय सारणी अनुसार पी जाये तो काफी आराम तनाव दिलाती है। परन्तु चाय काॅफी बार-बार पाना या खाली पेट चाय काॅफी पीना, भोजन के तुरन्त बाद चाय काॅफी पीना माइग्रेन सरदर्द का एक मुख्य कारण है। चाय, काॅफी, पुडिंग, केक, अधिक मीठा, अधिक खट्टा, अधिक ठंड़ा, अधिक कर्म भी माइग्रेन सरदर्द का कारण होता है।

आर्टिफिशियल परफ्यूम - सेंट इत्र 
डिओ, परफ्यूम, सेंट हर तरह के आर्टिफिशियल इत्रों का लगातार इस्तेमाल भी एक तरह से माइग्रेन सरदर्द का मुख्य कारण है। युवा वर्ग में तेजी से बढ़ रहे माइग्रेन सरदर्द का एक कारण आर्टिफिशियल परफ्यूम - सेंट इत्रों का इस्तेमाल भी है।

धूम्रपान - शराब नशा 
धूम्रपान - शराब आदि तरह के विभिन्न नशों का सेवन भी माइग्रेन सरदर्द का प्रमुख कारण है। शोधअनुसार मादक नशीलें चीजों के सेवन करने वाले व्यक्तियों को माइग्रेन, हाटअटैक, स्ट्राॅक, यूरिक एसिड़, किड़नी स्टोन, बीपी., काॅलेस्ट्राॅल, लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, टीबीे, अपचन जैसे बीमारियों से बड़े आसानी से ग्रसित हो जाते हैं।

कम सोना 
पूरी नींद नहीं लेने के कई कारण हो सकते हैं। जैसेकि तनाव, फिक्र, अवसाद, देर तक काम करना या व्यस्त जीवन शैली भी कारण हो सकते हैं। स्वस्थ शरीर के लिए लगभग 7 घण्टे की प्र्याप्त नींद जरूरी है।