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पेशाब जांच Urine Test in Hindi

(Urine Test, Pesab Janch) / यूरिन टैस्ट एक सुरक्षित सामान्य जांच प्रक्रिया है। पेशाब जांच करने के लिए पेशाब सैम्पल साफ शीशी (कैंटर) में भरकर लेब टेस्ट के लिए भेज दिया जाता है। यूरिन टैस्ट एक तरह से लिटमस पेपर, केमिकल और माइक्रोस्कोपिक के द्धारा की जाने वाली जांच प्रक्रिया है। यूरिन जांच के लिए 20 एम.एल. से 30 एम.एल. मूत्र की जरूरत होती है। अकसर Urine Test विभिन्न बीमारियों और विभिन्न घटकों की समीक्षा और विशलेषण करने के लिए किया जाता है। Urine Analysis Results आने पर चिकित्सक को उपचार करने में आसानी रहती है।

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पेशाब क्या है / What is Normal Urination

किड़नी शरीर में फिल्टर की तरह कार्य करती हैं। किडनी फिल्टर यूरिन के माध्यम से शरीर से विभिन्न अपशिष्ट, पदार्थ खनिज, लवण, अकार्बनिक तत्व, हार्मोंस, विघटित प्रोटीन, घुलनशील पदार्थ, गंदगी युक्त पदार्थों को द्रव रूप मूत्राश्य में पहुंचाती है। जोकि मूत्र रूप में बाहर निकालते हैं।

पेशाब कैसे बनता है / Bladder Polyps

किड़नी विभिन्न अपशिष्ट - दूषित पदार्थों को शरीर से छान कर पेशाब का निर्माण करती है। और मूत्र ब्लैडर (मूत्राशय) की दो तरह की ट्यूबों के द्धारा जमा हो जाता है। जब ब्लैडर भर कर फूल जाता है तो पेशाब करने के संकेत देता है। फिर व्यक्ति पेशाब कर ब्लैडर को खाली करता है। जोकि चयापचय प्रक्रिया है। 1 बार में व्यक्ति 150 एम.एल. तक पेशाब कर सकता है। ज्यादा देर पेशाब रोकने से किड़नी, लीवर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। पेशाब देर तक कभी नहीं रोकनी चाहिए।

पेशाब जांच विस्तृत जानकारी / About Urine Test 

यूरिन टेस्ट जांच विषय और परिणाम / Urine Test, Urine Test Results

पेशाब जांच सैम्पल से 100 से ज्यादा तरह के टेस्ट किए जा सकते हैं। पेशाब रंग, संक्रमण, इंफेक्शन हार्मोंस इम्बेलेंस, गंध, क्षारीय मात्रा, पदार्थों की गणना को जांच में मुख्य प्राथमिकता दी जाती है।

पीएच / पोटेंशियल हाइड्रोजन / Potential Hydrogen / PH

पीएच जिसे पोटेंशियल हाइड्रोजन जोकि पेशाब में जांच द्धारा क्षरीय अम्ल विभिन्न तत्वों एवं खनिजों की मात्रा का पता लगाया जाता है। जोकि किड़नी और पेशाब इंफेक्शन से सम्बन्धित बीमारियों को दर्शाती है।

ग्लूकोज / Urine Glucose Test Strips

रक्त में शर्करा लेवल जांच में ग्लूकोज खास कड़ी है। शरीर में अचानक आने वाले बदलाव में शर्करा लेवल अनियंत्र की ओर संकेत करता है। जिसमें डायबिटीज, किड़नी विकारों का पता लगाया जा सकता है।

ल्यूकोसाइट्स / Leukocytes in Urine

यह पेशाब मार्ग पर सफेद कोशिकाओं की उपस्थिति को दर्शाता है। जिससे पेशाब में रूकावट, जलन, दर्द शामिल है। ल्यूकोसाइट्स एक तरह से इंटरनल यूरीन इंफेक्शन श्रेणी में आता है।

प्रोटीन / Urine Protein Test Strips

बुखार, मलेरिया, वायरल, गर्भावस्था, लिवर, किड़नी समस्याओं में यूरिन में प्रोटीन के अंश मौजूद होते हैं। अन्यथा पेशाब में प्रोटीन अंश नहीं आते हैं।

नाइट्राइट / Nitrates in Urine

यह सूक्ष्म जीवाणु, कीटाणुओं से उत्पन्न संक्रमण होता है। जिसके वजह से यूरिन ट्रैक्ट इंफेक्शन होता है। इससे पेशाब नली, अण्डकोष में संक्रमण दर्शाता है। नाइट्राइट संक्रमण यूरिन जांच का हिस्सा है।

कीटोन्स / Ketone Test Strips

शरीर में संक्रमण, वायरल, हार्मोंस इम्बैलैंस, शर्करा लेवल इम्बैलैंस होने पर कीटोन्स अम्ल की मात्रा यूरिन में पाई जाती है। आंतों, किड़नी से सम्बन्धित समस्याएं दर्शाती है। इस तरह की इम्बैलैंस स्थिति को blood ketone meter भी कहा जाता है।

क्रिस्टल / Crystals, Casts

पेशाब में लाल, सफेद, पीले रंग में क्षारीय अम्ल आना कास्ट्स, ब्लड सेल्स संक्रमण, क्रिस्टल, स्क्वैमस विकार दर्शाता है। जिससे पीलिया, सिरोसिस, फेफड़ों में संक्रमण, मूत्र संक्रमण दर्शाता है। इस तरह की समस्या एक तरह से calcium oxalate है।

पेशाब जांच कैसे करवायें और पेशाब जांच में जरूरी बातें / Prepare for Routine Test, (Urinalysis) During Urine Test

  • बीमारियों का पता लगाने के लिए सुबह उठकर पेशाब सैंम्पल लैब टेस्ट के लिए भेजें। सुबह के पेशाब नमूने के अच्छे रिज़ल्ट आते हैं।
  • पेशाब सैम्पल कैंटर में भरकर बाहर से नाम, पता, निशान लगाकर भेजें, या फिर लेब में ले जाकर तुरन्त क्रमाक, नाम, समय कैंटर स्लिप पर दर्शायें।
  • पेशाब सैम्पल देने से 12 घण्टे पहले से चुकंदर, जामुन, रूबर्ब, गाढ़े रंग युक्त रसीले फल नहीं खायें।
  • यदि महिलाएं गर्भवस्था या फिर मासिक धर्म में यूरिन टेस्ट करवा रहीं हैं, तो चिकित्सक को बता दें।
  • पेशाब सैम्पल लेने से पहले कंटेनर साफ और सूखा होना चाहिए।
  • यदि व्यक्ति लैब से दूर है तो, पेशाब सैम्पल लेने के तुरन्त बाद कंटेनर का ढक्कन बंदकर तुरन्त जांच के लिए भिजवायें।
  • यदि व्यक्ति विटामिन सी, अंथ्राक्फिलेविन, नाइट्रोफयूरटांइन, मेट्रोनीडाजोल और मेथोकाब्र्रेमाॅल दवाईयों लेता हो, चिकित्सक को अवश्य बतालाएं। इन दवाईयों के सेवन के यूरिन टेस्ट रिजल्ट अलग हो सकते हैं।

यूरिन टेस्ट कब जरूरत होती है / urine test causes, Interpretation of Urine Test

  • पेशाब में दुर्गंध होने पर
  • पेशाब में जलन, दर्द होने रहने पर।
  • पेशाब में रक्त मात्रा आने पर
  • पेट दर्द होने पर
  • पेशाब करते समय दर्द परेशानी होने पर
  • बार-बार पेशाब हाने पर
  • गर्भावस्था जानने के लिए भी यूरिन टेस्ट करना
  • पीठ में लगातार दर्द रहने पर
  • सर्जरी से पहले यूरिन टेस्ट
  • किड़नी इंफेक्शन जांच के लिए
  • हाई ब्लडप्रैशर रहना
  • लगातर ठंड़ और बुखार रहने पर
  • एडिमा / सूजन
  • बिलीरूबिन विघटन
  • धातु रोग में
  • भूख कम लगने पर
  • त्वचा संक्रमण और रक्त खराबी
  • जीभ पर स्वाद नहीं लगना।
  • पीएच लेवल जानने के लिए
  • लगातार एसिडिटी रहने पर
  • मुंह से तीब्र दुर्गंध समस्या रहने पर
उपरोक्त पेशाब जांच से चिकित्सक को रोगों की पहचान और स्थिति और सही उपचार में सहायता मिलती है।

यूरिन के प्रकार / Types of Urine Tests

रूटीन यूरिन टेस्ट / Routine Urine Test

रूटीन टेस्ट बैक्टीरिया, कोशिकाओं में संक्रमण, गुर्दे की पथरी, डायबिटीज, गर्भावस्था, अण्डकोष इंफेक्शन, लिवर रोग, सामान्य और असामान्य मेटाबाॅलिज्म की जांच के लिए किया जाता है। यूरिन रूटीन टेस्ट एक तरह से लिटमस पेपर, केमिकल और माइक्रोस्कोपिक के द्धारा की गई जांच है। जिससे पेशाब की रंग और शुद्धता की जांच की जाती है।

कल्चर यूरिन टेस्ट / Urine Culture Test

कल्चर यूरिन टेस्ट के माध्यम से पेशाब में होने वाले संक्रमण, बैक्टीरिया, किड़नी इंफेक्शन की जांच की जाती है। जिसमें दो तरह के परिणाम सकारात्मक और नकारात्मक आते हैं। यदि जीवाणुओं सक्रमण संख्या अधिक होती है तो सकारात्मक, और यदि जीवाणुओं सक्रमण संख्या आंकड़ों से कम होती है तो नकारात्मक परिणाम आते हैं। यूरिन कल्चर जांच के लिए भी रसायनों के प्रयोग और बारीकी से जांच के लिए सूक्ष्मदर्शी का इस्तेमाल किया जाता है। कल्चर यूरिन टेस्ट रूटीन यूरिन टेस्ट से थोड़ा महंगा होता है। कल्चर यूरिन टेस्ट में पेशाब जांच अधिक विस्तृत तरीके से की जा सकती है।
  • यूरिन टेस्ट में लाल और सफेद कोशिकाओं में असमानता होने पर गुर्दें का विकार, पेशाब संक्रमण, अण्डाकोष कैंसर हो सकता है।
  • यूरिन टेस्ट में क्रिस्टल गुर्दें में पथरी, यूरिक एसिड की ओर संकेत करता है।
  • यूरिन टेस्ट में क्षारीय लवण होने पर संक्रमण बैक्टीरिया, यीस्ट समस्याओं की ओर संकेत करते हैं।
  • यूरिन टेस्ट में एलिथेलियल सेल्स अनिंयत्रण ट्यूमर, गांठ बनने की की ओर संकेत देता है।
यूरिन टेस्ट द्धारा 100 से भी अधिक बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। यूरिन टेस्ट बहुत गहरे रिर्सच का हिस्सा है।
साधारण रूप से Diagnostic Centre में पेशाब जांच Apperance, pH, Specific Gravity, Sugar, Albumin, Pus Cells, Epithelial Cells, RBCs, Casts and Crystals की रिजल्ट, यूनिट और रेंज जांची जाती है।