Urinary Tract / पेशाब में झाग बनना, पेशाब से बदबू आना, पेशाब में जलन, पेशाब का लाल, पेशाब पीली होना, रूक रूक कर पेशाब आना, पेशाब में बुलबुले बनना और पेशाब में खून के अंश आना जैसे लक्षण आंतरिक बीमारियों की ओर संकेत करते हैं, तुरन्त पेशाब जांच करवायें। पेशाब जलन, झाग, बुलबुले बनने, रक्त अंश आने की समस्या को प्रोटिनयूरिया भी कहा जाता है। किड़नी सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती है। जिससे किड़नी से प्रोटीन अंश लीक आउट होने लगते हैं। अधिकत्तर मामलों में जांच द्धारा यूरिन में सिस्टाईटिस, यूरेथ्राइटिस, पाइलोनेफ्राइटिस, माइकोप्लाज्मा और क्लैमाइडिया नामक बैक्टीरिया संक्रमण एवं इंफेक्शनस पाये जाते हैं। समय पर UTI Infection Treatment जरूरी है।

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पेशाब से बदबू, संक्रमण से बीमारियों के लक्षण / Urinary Tract Infection, UTI Symptoms
  • पेशाब में झाग बनने और पेशाब में बदबू आने पर तुरन्त सतर्क हो जायें। इस तरह की समस्याओं में किड़नी, लीवर की समस्या हो सकती है।
  • पेशाब में दर्द, पेशाब रूक-रूक कर आना, रंगीन आना, जलन, बदबू यूरिनरी में बैक्टीरिया इंफेक्शन होने की ओर संकेत है।
  • पेशाब में कमी आना भी एलब्यूमिन संक्रमण की ओर संकेत करता है। अकसर एलब्यूमिन नामक प्रोटीन अंश किड़नी से निकलने शुरू हो जाते हैं। जिससे पेशाब लगने पर भी पेशाब कम आती है। यूरिन में एलब्यूमिन की समस्या ज्यादा तनाव रहने, अनिद्रा, अन्हेल्दी खाने-पीने की चीजों की वजह से भी होता है।
  • लगातार पेशाब से झाग बनने पर दिल सम्बन्धित समस्याएं हो सकती हैं। तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क कर सलाह जांच उपचार करवायें। जांच में यूरिन में अधिक प्रोटीन होने पर स्ट्रोक के चांस बढ़ जाते हैं।
  • पेशाब में बदबू, पेशाब रूकने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करें। लीवर में कमजोरी और संक्रमण होने पर पेशाब में बदबू जलन होती है। तुरन्त चिकित्सक से सलाह जांच समय पर उपचार करवायें।
  • पेशाब में बुलबुले उठना और बारबार पेशाब आने की समस्या डायबिटीज लक्षण की संकेत करती है। शुरूआती डायबिटीज को तुरन्त नियंत्रण में किया जा सकता है। अन्यथा डायबिटीज जीवन भर साथ रहती है।
  • डिहाईड्रेशन के खतरे से बचें। डिहाईड्रेशन की समस्या कम पानी पीने, गर्मी सर्दी दोनों मौसम में खूब पानी पीयें। डिहाईड्रेशन की वजह से भी बहुत से बीमारियां होती हैं। डिहाईड्रेशन समस्या पेशाब सम्बन्धित लक्षणों से शुरूआत होती है। नजरअंदाज नहीं करें।
  • UTI treatment for women / गर्भावस्था के दौरान यूरिन में झाग बनने की समस्या किड़नी पर अतिरिक्त कार्यभार होने से होती है। जिससे किड़नी से प्रोटीन अंश लीक होने लगते हैं। गर्भावस्था के दौरान समय - समय पर जांच करवाते रहना चाहिए।
  • पथरी होने पर भी पेशाब में जलन - दर्द, पेशाब रंगीन होना, पेशाब रूक-रूक आना एक लक्षण है।
  • पेशाब सम्बन्धि समस्याओं का एक कारण साफ सफाई की कमी भी होती है। गुप्त अंग पर साबुन - सैम्पू, गंदगी रहने से भी संक्रमण, खुजली और अन्य यूरिन सम्बन्धि समस्याएं उत्पन्न हो होती हैं।
पेशाब सम्बन्धि समस्याओं - बीमारियों के लिए चिकित्सक निम्न टेस्ट करवाने की सलाह दे सकता है, जोकि जांच एंव उपचार का हिस्सा है।
रूटीन और कल्चर टेस्ट / Urine Test
पेशाब और अन्य अन्दुरूनी समस्याओं को जानने के लिए सुबह खाली पेट (बिना कुछ खाये पीये) पेशाब का सेम्पल लिया जाता है। जिससे यूरिन में इंफेक्शन, बैक्टीरिया, संक्रमण प्रकार के माइकोप्लाज्मा और क्लैमाइडिया के संक्रमण कारणों पता जांच से आसानी से चल जाता है। रूटीन यूरिन टैस्ट साधारण समस्याओं में किया जाता है। परन्तु कल्चर यूरिन टैस्ट में बारीकी से अंदुरूनी बीमारियों समस्याओं सक्रमण पता चल जाता है।

इमेजिंग : पेशाब सम्बन्धित समस्याओं का पता लगाने के लिए डाॅक्टर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्सरे, रेडिएशन ट्रैकिंग जांच की सलाह रोग के अनुसार दे सकते हैं। अक्सर कई बार साधारण यूरिन टैस्ट से रोगों की समीक्षा करना कठिन हो जाता है।
आईवीपी : इस विधि में इंजेक्शन हाथों की नशों द्धारा जांच की जाती है। और मूत्र मार्ग की स्थिति के एक्सरे लेती है।
सिस्टोस्कोपी : इस विधि में सूक्ष्म कैमरे युक्त पतली कोमल छड़ मूत्रमार्ग से अन्दुरूनी जांच करती है।

उपरोक्त टेस्ट चिकित्सक की सलाह urinary diseases और लक्षणों के आधार पर किये जाते हैं।