फैटी लिवर आर्युवेदिक ईलाज - उपचार Home Remedies for Fatty Liver in Hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide फैटी लिवर आर्युवेदिक ईलाज - उपचार Home Remedies for Fatty Liver in Hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

फैटी लिवर आर्युवेदिक ईलाज - उपचार Home Remedies for Fatty Liver in Hindi

फैटी लिवर समस्या में लिवर से न्यूट्रीयेन्ट्स - ग्लूकोज, वसा, प्रोटीन, एल्बुमिन, टाॅक्सिक,  ट्राईग्लिसराइड दूषित जमा पदार्थों को बाहर निकालना जरूरी होता है। जिनसे बिलीरूबिन स्तर नियंत्रण हो और लीवर को पहले जैसा स्वस्थ सुचारू बनाया जा सके। 

फैटी लिवर बीमारी में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीइन्फ्लामेंट्री, एंटीआक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक गुण पोषक तत्वों वाले फैटी लिवर डाइट मेनू लेना फायदेमंद है। जोकि फैटी लिवर बीमारी में खास फायदेमंद मानी जाती हैं। 

फैटी लिवर समस्या को घरेलू आयुर्वेदिक तरीको से धीरे - धीरे क्रम से कम किया जा सकता है। एक वक्त आने पर लिवर पूरी तरह से रोगमुक्त हो जाता है। आयुर्वेदिक तरीके उपचार में समय लेते हैं, परन्तु बीमारियों को पूरी तरह से ठीक करने में सहायक होती हैं।

फैटी लिवर घटाने और लिवर से दूषित पदार्थ बाहर निकालने के आसान कारगर तरीके / फैटी लिवर आर्युवेदिक उपचार / Fatty Liver Gharelu Upay / Home Remedies for Fatty Liver in Hindi 

फैटी लिवर आर्युवेदिक ईलाज - उपचार, Home Remedies for Fatty Liver in Hindi ,Fatty Liver KA ILAJ UPCHAR, Fatty Liver Ayurvedic Medicine, Fatty liver Ilaj, Liver ke gharelu upay
  • अदरक शहद मिश्रण सेवन फैटी लिवर में सुधार करने का अच्छा माध्यम है।
  • कच्चा आंवला खायें। या फिर 4-5 चम्मच आंवला रस में आधा चम्मच आंवला पाउडर को लगभग 1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर सेवन करें। आंवला फैटी लिवर दुरूस्त करने में सहायक है।
  • कच्ची हल्दी रस और दूध मिश्रण सेवन फैटी लिवर बीमारी में औषधि रूप है।
  • फैटी लिवर कम करने में लिए प्याज सलाद खायें। और दिन में 2 बार लगभग आधा-आधा कप प्याज रस सेवन करें। प्याज फैटी लिवर कम करने में सहायक है।
  • नारियल पानी में काली मिर्च, काला नमक मिश्रण पानी पीना फैटी लिवर में फायदेमंद है।
  • फैटी लिवर मरीज को ग्रीन टी, और अदरक वाली चाय पीना ज्यादा फायदेमंद है। चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें।
  • फैटी लिवर विकार में खाने से पहले 1 गिलास लस्सी में 4-5 बूंद पुदीना रस, हींग, काला नमक मिलाकर पीना फायदेमंद है।
  • फैटी लिवर कम करने में नींबू पानी काला नमक मिश्रण पीना फायदेमंद है। नींबू काला नमक लीवर संक्रमण घटाता है।
  • सुबह खाली पेट गिलोय रस सेवन फैटी लिवर घटाने में सहायक है।
  • चुटकी भर काली मिर्च पाउडर, 4-5 बूंदे लहसुन रस को 1 कप कोकोनट मिल्क मिश्रण फैटी लिवर कम करने में सहायक है।
  • फैटी लिवर कम करने के लिए जामुन खायें। और जामुन रस पीयें।
  • फैटी लिवर बढ़ने पर एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करना फायदेमंद है।
  • फैटी लिवर घटाने में करेला औषधि रूप है। करेला जूस पीयें और करेला सब्जी बिना बीज की खायें।
  • फैटी लिवर समस्या में प्याज, टमाटर सलाद में नींबू निचैड़ कर खायें। प्याज, टमाटर, नींबू सलाद फैटी लिवर घटाने में सहायक है।

फैटी लिवर में सुझाव

  • लगातार पेट दर्द समस्या को नजरअंदाज नहीं करें। तुरन्त चिकित्सक से सलाह एवं जांच करवायें।
  • चीनी सेवन से परहेज करें, चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें। गुड़ फैटी लिवर कम करने में सहायक है।
  • नमक, मिर्च सीमित मात्रा में सेवन करें। तीखा खाने से परहेज करें।
  • फैटी लिवर का उपचार समय पर करवायें। लम्बे समय तक फैटी लिवर रहने पर लिवर कैंसर - सिरोसिस संक्रमण की सम्भावनाएं अधिक बढ़ जाती हैं।
  • सोड़ा पेय, जंकफूड, फास्फूड और बाहर का अनहेल्दी खाना खाने से बचें।
  • फैटी लीवर लम्बे समय तक रहने पर किड़नी, फेफड़ों, हृदय, मस्तिष्क को भी बीमार ग्रसित कर देता है। सर्तक रहें।
  • लम्बे समय से अपचन, कब्ज, एसिडटी से भी फैटी लिवर समस्या हो सकती है। पेट पाचन सम्बन्धित समस्याओं को नकारे नहीं।
  • निकोटिन, एल्कोहल, धूम्रपान अन्य तरह से नशीलें मादक पदार्थों के सेवन से बचें।
  • संतुलित पौष्टिक आहार डाईट में शामिल करें। पौष्टिक आहार सीमित मात्रा में लें।
  • दिनचर्या जीवनशैली चुस्त रखें। आलस्य होने से बचें।
  • मोटापा वजन नियत्रंण में रखें। नित्य सैर, योगा, व्यायाम और खूब वर्कआउट करें।
  • तली भुनी, तेलयुक्त, अधिक वसा प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री के सेवन से बचें।
  • फैटी लिवर के दौरान चावल, आलू पकवानों से परहेज करें।
  • फैटी लिवर लाल मीट, चिंकन नहीं खायें। मीट, चिकन की जगह अण्ड, सलमन मछली डाईट में शामिल कर सकते हैं।
  • सप्ताह में 2-3 बार रस्सीकूद, खेलकूद, म्यूजिक डांस करें। इस तरह के साधारण क्रियाकलाप करना लीवर स्वास्थ्य के साथ सम्पूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद है।

उपरोक्त फैटी लिवर तरीकों से यकृत विकार बढ़ने पर असानी से घटाया जा सकता है। फैटी लिवर गम्भीर स्थिति में तुरन्त डाॅक्टर से सम्पर्क जांच एंव उपचार करवायें।