कानों के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Ear Facts in Hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide कानों के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Ear Facts in Hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

कानों के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Ear Facts in Hindi


कानों के बहुत से रहस्य हैं जोकि हर किसी व्यक्ति को पता नहीं होतें हैं, हमारे शरीर के कान भी किसी पहेली से कम नहीं हैं। जानिए कानों के बारे में रोचक जानकारी।

कानों के बारे आश्चर्यजनक तथ्य / कानों के रोचक तथ्य / Ear Facts in Hindi / Kan ke Rochak Tathya / Amazing Ear Facts

कानों के बारे आश्चर्यजनक तथ्य, Ear Facts in Hindi, कानों के रोचक तथ्य, kan ke rochak tathya, AMAZING EAR FACTS IN HINDI
  • कान सुनने के अलावा शरीर का संतुलत रखने का कार्य करती हैं।
  • सोये में भी कान सुनते रहते हैं। केवल मस्तिष्क बाहरी आवाज पर ध्यान नहीं देता। मस्तिष्क कान से आने वाली ध्वनि का अनदेखा करता है।
  • तीब्र विस्फोकट आवाज कानों की सुनने की क्षमता समाप्त कर सकती है।
  • तेज ध्वनि बहरेपन का एक कारण है।
  • 85 डेसिबेल से ज्यादा ध्वनि से कान के पर्दे फट सकते हैं।
  • दुनिया में 65 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों की सुनने क्षमता कमजोर है।
  • कान केवल 20Hz से लेकर 20,000 Hz तक ध्वनि सुन सकते हैं।
  • 65 वर्ष की आयु होने पर व्यक्ति की सुनने की क्षमता अपने आप कमजोर होनी शुरू हो जाती है।
  • कान में जमने वाला मैल अकसर वैक्स है। जिसे बाहर निकालने की जरूरत नहीं। अगर अधिक मात्रा में वैक्स बनें तो उसे कान चिकित्सक से सफाई करवायें।
  • कान के पर्दे 0.7 इंच चैड़े होते हैं।
  • कान खराब होने पर जीभ की भी स्वाद पता लगाने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। क्योंकि chorda tympani नस जीभ, कान, दिमाग तीनों से जुड़ी होती है।
  • कान 3 छोटी हड्डियों से बना होता है। जिन्हें incus, malleus और stapes कहा जाता है।
  • कान तीन हिस्सों में कार्य करता है। तीनों हिस्सों के बराबर काम करने पर सही सुनाई देता है। (anvil, hammer, and stirrup)
  • कान का बाहरी हिस्सा दूसरे मध्य हिस्से में, और दूसरा मध्य हिस्सा तीसरे आंतरिक कान पर्दे तक ध्वनि को ले जाने का कार्य करते हैं।
  • आंतरिक कान ध्वनि द्रव्य रूप में चलती है। फिर विद्युतीय सिगनल में बदलती है।
  • कानों के आंतरिक में सूक्ष्म बारीक बाल होते हैं। कान के आंतरिक बालों के नष्ट होने पर सुनने की क्षमता खत्म हो जाती है।
  • तीसरा हिस्सा आंतरिक कान घोंघा आकृति की तरह है। जिसे cochlea से जाना जाता है। और यह ध्वनि का विद्युतीय सिगनल में परिवर्तित कर मस्तिष्क को भेजता है।
  • कान संक्रमण, दर्द की समस्या बच्चों में ज्यादा होती है। क्योंकि बच्चों के कान वयस्कों के तुलना में कम विकसित होते हैं।
  • कान की सबसे छोटी हड्डी को stapes कहा जाता है।
  • कान गले से यूस्टेचियन नामक नली से जुड़ा हुआ है।
  • अधिक ऊचाई पहाड़ पर जाने पर कान की यूस्टेचियन नली कार्य क्षमता कम हो जाती है। जिससे अकसर कान दर्द होता है।
  • सभी जीव पर कान नहीं होते। सांप जबड़े से सुनता है। मच्छर सिर के एंटीना से और मछली पानी दबाव बदलाव से सुनती है।