कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक खाद्यपदार्थ Cholesterol Diet Food List in Hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक खाद्यपदार्थ Cholesterol Diet Food List in Hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक खाद्यपदार्थ Cholesterol Diet Food List in Hindi


कोलेस्ट्राॅल (एल.डी.एल.) जिसे खराब कोलेस्ट्राॅल से जाना जाता है। वहिकाओं नसों पर जमने वाला वसा थक्का रक्त संचार को प्रवाहित करता है। जिससे रक्त संचार रूकावट, थक्का जमना, क्लोटिंग होती है। एल.डी.एल. का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव हृदय, किड़नी, दिमाग और धमनियों नसों पर पड़ता है। खराब एल.डी.एल. कोलेस्ट्राॅल के दुष्प्रभाव से हार्ट अटैक, हाई ब्लडप्रेशर, पैरालिसिस, ब्रेन स्ट्रोक, डायबिटीज का ज्यादा खतरा बना रहता है। खराब कोलेस्ट्राॅल को घटाने एंव कम करने के कुछ खास चीजें शामिल करना फायदेमंद है। खराब कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक और कम करने वाले खाद्यपदार्थ निम्नलिखित हैं।

कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक खाद्यपदार्थ / कोलेस्ट्रॉल डाइट फूड / Cholesterol Diet Food List in Hindi / Cholesterol Niyantran Khad Padarath / Cholesterol Niyantran karne wali chije / Bad Cholesterol kaise Ghataye  

कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक खाद्यपदार्थ , Cholesterol Diet Food List in Hindi, cholesterol niyantran khad padarath, cholesterol niyantran karne wali chije, Bad Cholesterol kaise ghataye, कोलेस्ट्रॉल डाइट फूड चार्ट

धनिया 
धनिया में मौजूद खराब कोलेस्ट्राॅल ट्राइग्लिस्राइड्स ट्राईग्लिसराइड को नियंत्रण में रखने में सहायक है। धनिया दाने, पाउडर और हरे पत्ते दोनों किंचन में खाने में शामिल करना फायदेमंद है। खराब कोलेस्ट्राॅल को लेवल में लाने के लिए 50 ग्राम धनिया को हल्का कूट कर 5 मिनट उबालें। और दिन में दो बार पीयें।

हर्बल-टी 
ग्रीन-टी में रिच एंटीआक्सीडेंट मौजूद है। ग्रीन टी सेवन मोटापा, कोलेस्ट्राॅल नियंत्रण में रखने का अच्छा माध्यम है।

अदरक-लहसुन
अदरक चाय में और लहसुन नित्य किंचन में खाने में इस्तेमाल करें। अदरक लहसुन सेवन रक्त पतला करने में सहायक और हार्ट ब्लोकेज रोकने में सहायक है। 2-3 कलियां लहसुन सुबह खाली पेट खायें।

अदरक नींबू जूस
नींबू सेवन रक्त वहिकाओं नसों पर थक्का जमने से रोकने में सहायक है। सलाद में नींबू निचैड़ कर खायें। और नींबू अदरक रस मिश्रण पानी पीयें।

शहद - प्याज रस
खराब कोलेस्ट्राॅल को कम करने में लाल प्याज रोज सलाद में खायें। और लाल प्याज रस 2 चम्मच, 2 काली मिर्च पाउडर, और 1 चम्मच शहद मिलाकर नित्य सेवन करने से खराब कोलेस्ट्राॅल जल्दी नियंत्रण में आता है।

डार्क चाॅकलेट
डार्क चाॅकलेट में एन्टीआक्सीडेन्ट और फल्बोनाॅयडस (एल.डी.एल.)खराब कोलेस्ट्राॅल को घटाने में सहायक है। डार्क चाॅकलेट नसों धमनियों पर जमें अतिरिक्त वसा थक्के को हटाने में सहायक है।
आंवला 
आंवला में Antihyperlipidemic, Anti Atherogenic, Hypolipidemic गुण एक साथ मौजूद हैं। खराब कोलेस्ट्राॅल कम करने में आंवला जूस सेवन, आंवला मुरब्बा और आंवला खाना फायदेमंद है। आंवले एक तरह से रिच Hypolipidemic Agent मौजूद है। धमनियों नसों से अतिरिक्त वसा कम करने के लिए दिन में दो बार आधा-आधा चम्मच आंवला पाउडर गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। और रोज आधा कप आंवला जूस पीयें। आंवलें की भूमिका कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक में उत्तम मानी जाती है।

दही 
दही में लैक्टोबैसिलस एसिडोफिलिस मौजूद है। जोकि खराब कोलेस्ट्राॅल स्तर कम कम करने में सहायक है। दहीं को बिना चीनी के साथ खाना ज्यादा फायदेमंद है। कोलेस्ट्राॅल समस्या में चीनी सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

सेब सिरका 
शरीर में मौजूद ट्राइग्लिसराइड और टोटल कोलेस्ट्राॅल स्तर नियंत्रण में करने सेब सिरका फायदेमंद है। सेब सिरका हार्ट अटैक, स्वास विकार, उच्चरक्तचाप, गाउट, जलन, दर्द समस्याओं से एक साथ आराम पाने का अच्छा माध्यम है। कोलेस्ट्राॅल नियंत्रण करने के लिए रोज 1+1 चम्मच सेब सिरका 1 कप गुनगुने पानी के साथ सेवन करें और नित्य 1 सेब खायें। खराब कोलेस्ट्राॅल लेवल कम करने में सेब सिरका और सेब खाना फायदेमंद है।

अनार जूस 
अनार जूस पीने से रक्त पतला और रक्त बढ़ाने में सहायक है। और रक्त संचार सुचारू रहता है। अनार जूस सेवन रक्त वाहिनी में अतिरिक्त वसा क्लोटिंग से रोकने में सहायक है। अनार सेवन नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वहिकाओं नसों को सुचारू स्वस्थ रखने सक्षम है।

संतरा जूस 
संतरे में मौजूद विटामिन सी, फालेट, फलोनाईड, स्टेरोल खराब कोलेस्ट्राॅल घटाने में सहायक है। और संतरा अच्छे कोलेस्ट्राॅल लेवल बढ़ाने में सहायक है।

नरियल तेल 
नारियल में मौजूद लोरिक एसिड़ खराब कोलेस्ट्राॅल और गुड कोलेस्ट्राॅल स्तर नियंत्रण करने में सहायक है। नारियल तेल खाने में शामिल करें और कच्चा नारियल पानी पीयें।

साबुत अनाज - दलिया 
पौष्टिक दलिया पौषक से भरपूर मोटापा, हृदय घात, पाचन विकार, मस्तिष्क दौरा रोकथाम में खास सहायक है। दलिया सेवन खराब कोलेस्ट्राॅल स्तर को कम करने और रक्त संचार को दुरूस्त रखने में सक्षम है।

मछली तेल 
मछली में ट्राइग्लिसाइड, फैटी एसिड, ओमगा-3 एक साथ मौजूद हैं। धमनियों नसों से खराब वास घटाने और कोलेस्ट्राॅल लेवल नियंत्रण में रखने में मछली तेल और मछली सेवन फायदेमंद है। मछली हृदय घात रोकने और ब्लड क्लोटिंग रोकने में सहायक है।

अवोकेडो
पौष्टिकता से भरपूर अवोकेडो दिल, मस्तिष्क के खास स्वास्थवर्धक फल है। अवोकेडो सेवन रक्तसंचार सुचारू और दुरूस्त रखने में सहायक है। अवोकेडो धमनियों नसों पर थक्का जमने से रोकता है। अवोकेडो खराब कोलेस्ट्राॅल हटाने में सहायक है।

ओटमील 
खराब कोलेस्ट्राॅल लेवल कम करने के लिए रोज ओटमील खाना फायदेमंद है। ओट में फाइबर और बीटा ग्लूकान प्रचुर मात्रा में मौजूद है।

अलसी बीज 
असली बीज और अलसी तेल खराब कोलेस्ट्राॅल लेवल कम करने में सहायक है। अलसी में ओमगा-3, फैटी एसिड, प्रोटीन जैसे जरूरी तत्व मौजूद हैं।

जैतून तेल 
जैतून तेल में Monounsaturated Fatty Acid प्रचुर मात्रा में मौजूद है। जैतून तेल किचंन में खाने में इस्तेमाल करें। जैतून तेल दिल वहिनी को क्लोटिंग थक्का जमने से रोकने में सहायक है।

रेड यीस्ट राइस 
यीस्ट राइस में मोनाकोलिस, फाइबर, फैटी एसिड सिन्थेसिस खराब कोलेस्ट्राॅल कम करने में सहायक है। यीस्ट राइस (एल.डी.एल.) कोलेस्ट्राॅल लेवल को नियंत्रण रखने में सक्षम है।

फाइबर युक्त आटा 
गेहूं, मक्का, मंडवा, जई मिश्रण आटा खराब कोलेस्ट्राॅल को कम करने में खास सहायक है। और गुड कोलेस्ट्राॅल बढ़ाने में फाइबर युक्त मिश्रण सक्षम है। मक्का, मंडवा, जई पौष्टिक आहार हैं। इन्हें नाकारे नहीं।

डाईफ्रूडस् नटस् 
खराब कोलेस्ट्राॅल कम करने में अखरोट, पिस्ता, मूंगफली, पेकान, बादाम नटस् सहायक हैं। डाईफ्रूडस् नटस् में ट्रइग्लिसराइड, फैटी एसिड, ओमगा-3, फाइबर योगिक तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं।

योगा व्यायाम 
रोज सुबह शाम सैर, योगा, व्यायाम करें। शरीर को फैट से बचायें। और अजवाइन जीरा पानी पीयें। मोटापा फैट कई बीमारियों की जड़ माना जाता है। नियंत्रण करने के लिए एक्सपर्ट से कोलेस्ट्रॉल डाइट फूड चार्ट बनवायें। डाईट चार्ट के हिसाब से आहार लें।