थायराइड रोग उपचार Thyroid Disease Treatment in Hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide थायराइड रोग उपचार Thyroid Disease Treatment in Hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

थायराइड रोग उपचार Thyroid Disease Treatment in Hindi

थायराइड की समस्या महिलाओं पुरूर्षों में आजकल तेजी से बढ़ रही है। थायराइड ग्रंथि गले की नली कंठ के साथ होती है। जिसे थायराइड ग्रंथि कहा जाता है। थायराइड विकार दो तरह से होते हैं। जिन्हें हाइपरथायराइडिज्म और हाइपाथायराइड कहा जाता है। थायराइड समस्या होने पर व्यक्ति का वजन अचानक बढ़ना और अचानक घटना, गले में सूजन दर्द जैसे कई समस्याऐं उत्पन्न होती हैं। थायराइड विकार का मुख्य कारण थायराइड ग्रंथि में हार्मोंनस की गडबड़ी। थायराइड ग्रंथि के हार्मोंनस को नियत्रंण करने वाली ग्रन्थि मस्तिष्क में मौजूद पिटूडटेरी कोशिका होती है। शरीर के विकास के लिए रात में मस्तिष्क पिटूडटेरी कोशिका से एक खास हार्मोंनस छोड़ती है। थायराइड गंथि में हार्मोंनस की कमी-गड़बड़ी के कारण प्रतिरक्षा क्षमता प्रभावित हो जाती हैं। जिससे शरीर में कई दुष्परिणाम लक्षण होने लगते हैं। और व्यक्ति आम भाषा में थायराइड समस्या कहा जाता है। थायराइड समस्या होने के पीछे खानपान दिनचर्या जीवन शैली काफी हद तक निर्भर करती है।

थायराइड रोग उपचार / थायराइड की बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज / THYROID SYMPTOMS CAUSE TREATMENT IN HINDI / THYROID AYURVEDIC UPCHAR


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थायराइड के लक्षण महसूस होने पर तुरन्त चिकित्सक (टी.एफ.टी. टेस्ट) द्धारा टी-3, टी-4 और टी.एस.एच. हार्मोंनस की जांच करवायें और सलाह उपचार लें। थायराइड समस्या ज्यादा वक्त तक रहने पर कैंसर, हृदय घात, जोड़ों का दर्द, महिलाओं में गर्भपात जैसी समस्या हो सकती है। थायराइड समस्या होने पर सही उपचार, खानपान, परहेज, सावधानियां ध्यान में रखकर थायराइड विकार को आसानी से ठीक जा सकता है। थायराइड विकार होने पर विटामिन बी-कम्पलैक्स, बिटामिन-डी, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, एन्टी इंफ्लेमेन्टरी, एन्टीबायोटिकि युक्त, ओमेगा-3 खाद्यपदार्थ सेवन और योगा, व्यायाम, वर्कआउट, सैर करना फायदेमंद हैं।

थायराइड के लक्षण

  • गले गर्दन में सूजन और दर्द
  • भूख कम लगना
  • बिना काम के थकान, कमजोरी महसूस होना
  • हाथ पांव कांपना
  • बालों का झड़ना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • हृदय गति में परिवर्तन होना
  • त्वचा में अचानक रूखापन आना और ठंड लगना
  • तनाव होना और पसीना आना
  • बार-बार मुंह में थूक बनना 

थायराइड के कारण

  • दवाईयों का ज्यादा वक्त तक सेवन करने से
  • टॉन्सिलस का ज्यादा देर तक संक्रामण रहना
  • महिलाओं में मासिक धर्म में बदलाव, गर्भा विकारों से थायराइड होना
  • हार्मोनस में अचानक बदलाव
  • थायराइड समस्या आनुवाशिक होना
  • तम्बाकू गुटका, मसाला जर्दा, धूम्रपान, नशीलें पदार्थों का सेवन
  • खांसी, गले में खर्राश लम्बे वक्त तक रहना
  • हड्डियों मासंपेशियों का कमजोर पडने पर
  • तनाव में रहने से
  • गैस, कब्ज, एसिडिटी ज्यादा वक्त तक रहने से
  • घातक कैमिक्लस की दुर्गन्ध से और दूषित वातावरण में रहने से।
  • भोजन में प्रोटीन ग्लूकोज क्रिया में गड़बड होने से। 

थायराइड समस्या से छुटकारा दिलाने वाले आर्युवेदिक खास तरीके :

गेहूं ज्वार रस

गेहूं ज्वार को घर पर गमले में उगया जा सकता है। गेहूं और ज्यार की कोमल पत्तों का रस सुबह शाम पीने से थायराइड समस्या से जल्दी छुटकारा मिलता है। यह खास थायराइड आर्युवेदिक औषधि है।

प्याज मालिश

प्याज को बीच में से दो हिस्से में गोलाई में काट लें। फिर गले के दोनों हिस्सों में हल्का हल्का रगड़ें। यह मसाल प्रक्रिया रोज सुबह शाम करने से थायराइड सूजन दर्द ठीक करने में सक्षम है।

अदरक सेवन

अदरक खाने में इस्तेमाल करने से थायराइड जल्दी ठीक करने में सहायक है। अदरक सेवन थायराइड ग्रंथि को संकामण विकार से रोकने में सक्षम है। दाल, सब्जी, चाय, में इस्तेमाल करें। चाय कम मात्रा में पीयें।

मुलहटी चबाना

थायराइड ग्रसित व्यक्ति के मुलेठी को चबाकर रस सेवन करना फायदेमंद है। मुलहटी सेवन से थायराइड ग्रन्थि से दर्द सूजन और थायराइड को कैंसर से बचाने में सहायक है।

आयोडीन एंव रिच विटामिनस, मिनरलस

हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, सलाद में ककड़ी, टमाटर, खीरा, पुराने चावल, पापकॉर्न, ब्रेड, जई, समुद्री मछली, मशरूम खाने से थायराइड कम करने में सक्षम है। सादे नमक से ज्यादा शुद्ध आयोडीन सेधा-काला नमक फायदेमंद है।

सोया खाद्यपदार्थ

थायराइड विकार में सोयाबीन से बने चीजें दूध, दही, पनीर, सोया, न्यूटरी सेवन करना फायदेमंद है।

फाइबर युक्त खास आटे की रोटी

थायराइड समस्या में गेहूं, मडुआ/रागी, बाजरा मिक्स आटे से बनी रोटी खाना फायदेमंद है।

मछली ओमगा-3 रिच बिटामिनस मिनरलस स्रोत

थायराइड ग्रसित व्यक्ति के लिए मछली खाना फायदेमंद है। मछली प्रजातियों में झींगा, हेरिन्ग, फलांउडर, मैकेरल, सिंगाड़ा, टयूना, साडिरन, सेलफिश, गोल्डन खाना फायदेमंद है।

थायराइड सूजन में सिकाई

गले में सूजन दर्द होने पर काला नमक की पोटली सूती कपड़े में बांध कर तवे पर गर्म कर थायराइड सूजन जगह पर सिकाई करने से तुरन्त आराम मिलता है। गर्म पानी को बोतल में भर कर गर्दन गले में सिकाई करना फायदेमंद है।

योगा आसान व्यायाम और वाकिंग

थायराइड समस्या से छुटकारे लिए खास ब्रह्माद्रासन, भुजंगासन, मत्सयासन, सर्वांगासन, नाडीशोधन जैसे योगा आसन फायदेमंद है। इससे सिर, मस्तिष्क गर्दन, गले, पेट शरीर की आसानी से अच्छी व्यायाम क्रिया हो जाती है। रोज सुबह शाम 30-40 मिनट तेज-तेज वाकिंग करें। वाकिंग रक्त संचार सुचारू करने में सक्षम है।

नारियल पानी

थायराइड विकार होने पर कच्चा नारियल पानी पीना फायदेमंद है। नारियल पानी विटामिनस और मिनरलस की पूर्ति के साथ-साथ शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में सहायक है।

गाजर जूस और सलाद

थायराइड समस्या होने पर गाजर जूस पीना फायदेमंद है। गाजर में विटामिन-ए रिच मात्रा में मौजूद है। गाजर में विटामिनस के साथ-साथ कैल्शियम, पोटाशियम, फास्फोरस मिनरलस हैं।

एक्युप्रेशर विधि

थायराइड बीमारी को एक्युप्रेशर विधि से ठीक किया जा सकता है। एक्युप्रेशर तरीके में हाथों, पैरों, गर्दन, सिर, कंधें के पाईन्टस, बिन्दुओं दबाया जाता है। एक्युप्रेशर विधि एक्सपर्ट की निगरानी में करें। एक्युप्रेशर विधि से शरीर के पाईन्ट बिन्दुओं को दबाकर इलाज किया जाता है। जोकि थायराइड समस्या ठीक करने में सक्षम है।

शुद्ध पानी सेवन

थायराइड समस्या से बचने के लिए साफ और गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है। वाटर-प्योरिफाई का पानी पीयें। ठंडा पानी और अशुद्ध पानी पीने से बचें। थायराइड समस्या के दौरान गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है। ठंडी पेय पदार्थों के सेवन से परहेज करें।

थायराइड रोग में परहेज

थायराइड होने पर मिर्च मसाले वाली तीखी चीजें, तली भुनी चीजें, अचार, आईसक्रीम, ठंडा पानी, मलाई क्रीम युक्त चीजें, जंकफूड, सोड़ा पेय, तम्बाकू, गुटका, धूम्रपान, शराब, नशीले मादक चीजें इत्यादि नहीं करनी चाहिए।