दीपावली पर स्वास्थ्य सम्बन्धित खास बातें Diwali Celebration in Hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide दीपावली पर स्वास्थ्य सम्बन्धित खास बातें Diwali Celebration in Hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

दीपावली पर स्वास्थ्य सम्बन्धित खास बातें Diwali Celebration in Hindi

दीपावली पर्व की सभी जनों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। दीपावली हर्ष, उल्लास, उत्साह, प्यार-प्रेम, आशा का शुभ त्यौहार भारत से लेकर विश्व भर में प्रसिद्ध है। शुभ दीपावली पर महालक्ष्मी की पूजा धन, समृद्धि, खुशहाली के लिए घर-घर में की जाती है। 

शुभ दीपावली के अवसर पर लोग आपस में प्रेम उल्लास उत्साह स्नेह से अपने मित्रों, रिश्तेदारों, प्रिय जनों में उपहार, मिठाईयां, शुभकामनायें आदान-प्रदान करते हैं। शुभ दीवाली अवसर पर प्यार स्नेह से गले मिलकर पुराने मन-मिटाव, गिले-शिकवे मिटाकर एक-दूसरे को प्रसन्नचित निस्वार्थ होकर गले लगाते हैं।

शुभ दीवाली की तैयारियां महीने भर से शुरू हो जाती हैं। घर पर साफ-सफाई, पुताई, रंगाई, सजावट की जाती है। दीवाली पर नये सुन्दर आकृषण कपड़े गिफ्ट, मिठाईयों, सजावटी समान, दियें लाईटस जगमगाहट से दुकाने सजने लगती है। 

दीपावली पर्व को सभी धर्म के लोग हर्ष, उल्लास, उत्साह, प्यार-प्रेम, शुभकानाओं के साथ मनाते हैं। सभी धर्मों का दीपावली त्यौहार मनाने के पौराणिक ऐतिहासिक रोचक तथ्य हैं। शुभ दीपावली खास त्यौहार है। घर को दीयो, रंगोली, सजावटी सामान से सजायें। शुभ दीपावली त्यौहार को प्यार-प्रेम स्नेह उत्साह उल्लास और सुरक्षित तरीके से मनायें।

दीपावली पर स्वास्थ्य सम्बन्धित खास बातें / DIWALI CELEBRATION IN HINDI / Deepawali par Nibandh

दीपावली पर स्वास्थ्य सम्बन्धित खास बातें , Diwali Celebration in Hindi, Celebrate Diwali, General Health Tips for Diwali, tips for healthy Diwali, healthy deepawali, deepawali celebration kaise kare, deepawali par nibandh


दीपावली शुभ त्यौहार मनाने के पीछे प्रसि़द्ध पौराणिक ऐतिहासिक खास रोचक तथ्य 
  • शुभ दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी धरती पर आई थी। देवताओं और दैत्यों ने समुद्र-मंथन किया था। जिससे माँ लक्ष्मी धन्वंतरि प्रकट हुई। इस दिन से लक्ष्मी माँ की पूजा घर पर धन, सम्पदा, समृद्धि, खुशहाली के लिए की जाती है। दीवाली पर माँ लक्ष्मी की पूजा खास मानी जाती है।
  • दीपावली के दिन भगवान विष्णु राम अवतार में बनवास वास से चैदह वर्ष पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे। भगवान रामचन्द्र की अयोध्या लौटने की खुशी में शुभ दीवावली मनाई गई। भगवान रामचन्द्र जी एक अस्था ही नहीं है। उन्होंने विश्व में लोगों को प्यार-प्रेम, त्याग, विश्वास, आशा, महत्वकांक्षा, स्नेह, संयम का संदेश दिया।
  • दीपावली के दिन भगवान विष्णु ने पाताल लोक में प्रसिद्ध बलशाली राजा बलि का राज्य अभिषेक किया था। इन्द्रदेव को सुरक्षित स्वर्ग का राजगद्दी दी। शुभ दीपावली के दिन इन्द्रदेव और समस्त स्वर्ग में दीपावली मनाई। जोकि एक परम्परा बन गई।
  • दीवावली के दिन ही विष्णु भगवान ने धर्म रक्षक भक्त प्रहृलाद की जान बचाकर कर दुष्ट हिरण्यकश्यप को मारने के लिए पहली पर नरसिंह का अवतार लिया था।
  • दीपावली का शुभ पर्व भगवान गौतम बुद्ध के अनुयाई प्यार, प्रेम, स्नेह, आशा, स्मृद्धि, ज्ञानवर्धक विचारों के रूप में हजारों साल से पहले लाखों दीप जलाकर दीवाली के दिन आरम्भ किया था।
  • शुभ दीवावली के दिन ही महान सम्राट विक्रमादित्य ने ‘विक्रम संवत’ की स्थापना के लिए प्रसिद्ध गणितज्ञ, ज्योतिष, धर्म गुरूओं, ज्ञाताओं को स्नेहपूर्ण आमत्रित कर ‘विक्रम संवत’ कलेण्डर का मुहर्त दिन की घोषण की थी। तब से गुप्तवंश में शुभदीवाली को विक्रम संवत मुहर्त दिन के रूप में और विक्रमादित्य राजतिलक के रूप में मनाया जाता है।
  • गुरू हरगोबिन्द सिंह जी जोकि सिक्खों के छवें गुरू थे। दीपावली के दिन ही गुरू जी कारागार से रिहा हुए थे। गुरू हरगोबिन्द सिंह के तप यश ख्याति के आगे सारे झुक गये थे।
  • शुभ दीपावली के दिन से नेपाल देश ने नये वर्ष का आरम्भ किया था।
  • दीपावली के दिन विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास किया गया था। तब से अमृतसर में दीवावली को ओर भी ज्यादा खास त्यौहार के रूप में मनाते हैं।
  • दीपावली के पर्व पर भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण हुआ था। उस दिन भगवान महावीर स्वामी के अनुयाईयों ने लाखों दीपक और खुशियां मनाते हैं।
  • आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती का निर्वाण दिन भी दीपावली था। आर्यसमाज में दीपावली का पर्व खास तौर पर खुशी प्यार प्रेम समृद्धि के रूप में मनाया जाता है।
  • दीपावली के दिन ही भगवान विष्णु ने नरकासुर राक्षस का वध कर धर्म और सत्य की रक्षा की थी। तब से धर्म, सत्य की जीत और अत्याचार के नाश के रूप में दीपावली का त्यौहार का आरंभ माना जाता है।
  • दीपावली के दिन ही जैन धर्म की स्थापना हुई थी। जैनियों के लिए दीपावली का त्यौहार खास उल्लास उमंग स्नेह प्रेम वाला खास दिन है। जैन धर्म स्थापना दिन के रूप में दीपावली मनाते हैं।
  • मुस्लिम समुदाय के लिए भी दीपावल का पर्व खास माना जाता है। दीपावली के दिन मुगल सम्राट अकबर ने करीब 40 गज लम्बे बांस के सुन्दर कलाकृति छवि में विशाल सुन्दर दीपक जलाकर दिपावली मनाकर आरम्भ की थी। यह शुभ पर्व मुगलकाल में हिन्दुओं, मुस्लिमानों और सभी धर्म अनुयाई मिलकर दीपावली मनाते थे। मुस्लिम समुदाय के लिए दीपावली का त्यौहार खास उत्साह, उल्लास, प्रेम-स्नेह का त्यौहार है।

दीपावली पर्व पर प्राथमिक सुरक्षा और सावधानियां
  • केरोसीन, पेट्रोल, डीजल, गैस सलैण्डर इत्यादि ज्वलनशील चीजों के सामने पटाके अतिशबाजी नहीं चलायें। एक छोटी सी चिंगारी बड़ा नुकसान कर सकती है। सुरक्षित जगह चुने।
  • हाथ से अनार, राॅकेट, पटाखे न जलायें और चलायें। जमीन पर पत्थर, सुरक्षित जगह पर रखकर जलायें।
  • पटाखों पर लिखे निर्देशों बातों को ध्यान से पढ़ें। सुरक्षित निर्देशोंनुसार दिवाली मनायें। जीवन अनमोल है।
  • हल्के और कम आवाज प्रदूषण रहित पटाखे आदि इस्तेमाल करें। प्रदूषण का ध्यान रखें। दीवाली पर वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण ज्यादा होता है। पटाके अतिशबाजी पर लगाम लगायें।
  • एंटीसेप्टिक दर्दनाशक क्रीम, डिटोल हमेशा घर पर रखें। शरीर पर गलती से चोट लगने, अंग जलने, फिसलने पर वचाव में कभी भी एंटीसेप्टिक दर्दनाशक क्रीम, डिटोल की जरूरत पड़ सकती है। आस-पास किसी कुछ भी अनहोनी होने पर तुरन्त पीडित व्यक्ति को प्राथमिक उपचार चिकित्सक इलाज दिलायें।
  • घर पर पानी बड़े ड्रम, बर्तन में भरकर रखें। पानी की जरूरत आस-पास किसी आतिशबाजी से होने वाली अनहोनी घटना से बचने और बचाने के लिए तैयार रहें।
  • कुछ लोग जानबूज कर तेज धमाकेदार पटाखे, आतिशबाजी करते हैं। कानों को तेज आवाज से सुरक्षित रखने के लिए रूई की छोटी-छोटी गोली बनाकर कांन में डालें। या फिर सांउडरोधक यंत्र कानों में लगा सकते हैं।
  • पटाखे इत्यादि जेब में न रखें। पटाखे चलाते वक्त फुलझड़ी, लम्बी बत्ती वाली आतिशो का इस्तेमाल करें। जलते पटाखों के बीच में नहीं जायें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति से कोई गिफ्ट, उपहार नहीं लें।
  • आतिशबाजी, पटाखे के चलते घर से बाहर नहीं निकलें। पटाखे आतिशबाजी कहीं से भी उछलकर गिरकर कर शरीर गाड़ी को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • पटाखें, आतिशबाजी से वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और होने वाले नुकसान से बचें।
  • स्वास्थ्य को मध्य नजर रखते हुये, मिठाईयां, व्यजनं, पकवान सीमित मात्रा में खायें। बाजार में ज्यादात्तर मिठाईयां मिलावटी सामग्री से बनी होती है। मिलावटी मिठाईयां और खाद्य सामग्री पेट दर्द, गैस, डायबिटीज, फूडपाइजन, पाचन गड़बड़ी का कारण हो सकती हैं।
शुभ दीपावली त्यौहार को प्यार-प्रेम स्नेह उत्साह उल्लास और सुरक्षित तरीके से मनायें।

शुभ-दीपावली !