हार्ट अटैक के लक्षण Heart Attack Causes Symptoms in Hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide हार्ट अटैक के लक्षण Heart Attack Causes Symptoms in Hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

हार्ट अटैक के लक्षण Heart Attack Causes Symptoms in Hindi

हार्ट अटैक आने से 1 महीने पहले ही व्यक्ति को कुछ खास लक्षण महसूस होने लगते हैं। धमनियां सही तरह से काम करना कम कर देती है। एक्सपर्ट अनुसार हार्ट विकार लगभग 50-60 तरह के होते हैं, जोकि अलग-अलग तरह से हृदय को क्षतिग्रस्त करते हैं। जिनके संकेत व्यक्ति से महसूस होने लगते हैं। हार्ट अटैक मुख्य कारण मोटापा बढ़ना, रक्तचाप बढ़ना, गैस एसिडिटी लगातार रहना, स्वास विकार रहना, धमनी अवरूद्ध, रक्त वहिकाओं में रूकावट इत्यादि कारण हैं। एक तरह से दिल को दिन-रात 24 घण्टे हर पल, हर क्षण कार्य करने वाली मशीन भी कह सकते हैं। दिल का स्वस्थ्य एवं सुचारू रहना अति आवश्यक है। घातक दिल का दौरा पड़ने से पहले व्यक्ति को संकेतों द्धारा महसूस होने लगते हैं।

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हृदयाघात दौरा उस समय पड़ता है जब हृदय वहिकाओं मांसपेशियों रक्त संचार और वायु को हृदय तक नहीं पहुंचापाती और रक्त वहिकाएं अवरूद्ध हो जाती हैं। जिससे व्यक्ति की मौत तक हो जाती है। घातक स्थिति आने से पहले ही हृदय को स्वस्थ किया जा सकता है। मोटापा, हाई रक्तचाप, गैस एसिडिटी, स्वास विकार, डायबिटीज-2 लेवल हाई, धमनियां अवरूद्ध सभी विकारों को पहचान कर नियत्रंण करना आवश्यक है।

सांस लेने में दिक्कत आना 
अकसर दिल का दौरा पड़ने से पहले ही व्यक्ति की सांस रूकावट होने शुरू हो जाती है। वायु सांस द्धारा Heart तक सही तरीके नहीं पहुंचती, जिससे सांस लेने में दिक्कत शुरू हो जाती है। सांस लेने की दिक्कत महसूस होने पर शीध्र जांच करवाएं एवं समय रहते उपचार करवायें।

सीने में हल्का तेज दर्द 
हार्ट अटैक पड़ने से पहले सीने में दर्द जलन रहना एक संकेत है। जिससे व्यक्ति को घबराहट, सांस रूकना, सीना जलन, हल्का दर्द महसूस लगातार महसूस होना हार्ट वहिकाओं में अवरूद्धता -हार्ट अटैक की ओर संकेत है। इस तरह की समस्या लगने पर नजरअन्दाज ना करें। इस तरह के दर्द को "एनजाइना पिक्टोरिस} कहा जाता है। दर्द महसूस होने तुरन्त डॉक्टर से जांच उपचार करवायें।

हार्ट वहिकायें सिकुड
हार्ट वहिकायों में ब्लडप्रेशर के असंतुलन से सिकुडन जकडन उत्पन्न हो जाती है। जिससे दर्द हल्का तेज महसूस होने लगता है। ऐसी स्थिति में तुरन्त चिकित्सक से जांच परामर्श करें।

ज्यादा पसीना आना 
बैठे-बैठे पसीना आना साथ में जी मचलना, घबराहट एक तरह से हार्ट अटैक के संकेत हैं। कार्डियोमायोपैथी हार्ट को पम्प सहायक नसों मांसपेशियों में अवरूधता उत्पन एक तरह से पसीना तीब्र एक कारण है। नकारे नहीं, शीध्र चिकित्सक से जांच परामर्श करें।

दिल सूजन
हार्ट की नसों ऊतकों में अवरूधता के कारण दिल में सूजन आना सम्भव है। यह क्रिया धीरे-धीरे बढ़ती है। और जिसे एक तरह से दिल का सूजन से दर्द सांस में रूकावट महसूस होने पर शीघ्र चिकित्सक से जांच परामर्श लें।

धड़कन बढ़ना
हृदय का तेजी से घड़कना एक तरह से हृदय विकार का संकेत है। रक्त संचार सही तरह से दिल वहिकाओं तक सुचारू नहीं हो पाती। और धडकन गति तीब्र हो जाती है। हार्ट वीट इलेक्ट्रिक वेग का बढ़ना और असंतुलित होना एक तरह से हार्ट अटैक संकेत है। ऐसी स्थिति में तुरन्त डॉक्टर से जांच उपचार करवायें।

दर्द बाये हाथ से जबड़ों तक जाना 
सीने में दर्द जलन के साथ-साथ दर्द दहिने हाथ से जबड़ों तक महसूस हो तो तुरन्त चिकित्सक से जांच उपचार करवायें। दहिने हाथ से जबड़ों तक फैलने वाला दर्द एक तरह से गम्भीर हार्ट अटैक लक्षण हैं।
ऐसी स्थिति में जोर - जोर से सांस ले और सांस छोड़े। ऐसा करने से हृदय फेफड़ों में आक्सीजन कमी काफी हद तक पूरी हो जाती है। परन्तु शीघ्र चिकित्सक से सम्पर्क - जांच - उपचार करवायें।

फिक्र- चिंता 
बिना वजह चिंता फिक्र रहना। रात को सोये में अचानक उठना, शांत बैठे-बैठे अचानक विचलित होना, चिंता फिक्र शरीर अंग कांपना, घबराहट इस तरह के संकेत हार्ट के लिए घातक होते हैं।

बिना कारण शरीर दर्द 
बिना किसी कार्य-कारण बदन दर्द, छाती में झंनझनाहट होना, शरीर के अंगों में दर्द होना। तरह से हृदय अवरूद्धता का संकेत है। ऐसी स्थिति में तुरन्त डॉक्टर से जांच उपचार करवायें।

उल्टी, जी मचलना 
भोजन सही तरह नहीं पचने से गैस कब्ज एसिडिटी के कारण पेट दर्द उल्टी, दर्द पेट से छाती तरफ लगातार महसूस करना भी हार्ट अटैक के संकेत है।

इस तरह से उपरोक्त मिलते जुलते लक्षण होने पर तुरन्त डॉक्टर से जांच उपचार करवायें। यह संकेत हार्ट अटैक पड़ने से पहले व्यक्ति को महसूस होने लगते हैं। साधारण हार्ट अटैक लक्षण को नजरअंजाद ना करें। गंभीर हृदय घात पड़ने से पहले ही संकेतों के द्वारा  जांच उपचार से द्धारा बचा जा सकता है। मोटापा, हाई रक्तचाप, गैस एसिडिटी, स्वास विकार, डायबिटीज-2 लेवल हाई, कोलेस्ट्रॉल लेवल अनियंत्रण,  धमनियां अवरूद्ध सभी विकारों को पहचान कर उपचार - नियत्रंण करना आवश्यक है। साथ में जंकफूड, फास्टफूड, सोडा पेय, तली भुनी चीजों, धूम्रपान, शराब, नशीली मादक वस्तुओं के सेवन से बचें।
रोज योगा व्यायाम, सैर, वर्कआउट, खान पान दिनचर्या पर ध्यान दें, जोकि व्यक्ति को हार्ट अटैक होने से आसानी से बचा सकती हैं।