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प्राकृतिक आर्युवेदिक पेन किलर Natural Painkiller in Hindi

दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। दर्द को मिटाने के लिए लोग घातक पेन किलर दवाईयों का सेवन करते हैं। जोकि कुछ देर के लिए आराम और फिर पेन किलर कई तरह के साइट इफेक्टस छोड़ जाता है। जोकि शरीर को अन्य तरह की बीमारियों को निमत्रंण देती है। 

दर्द मिटाने के लिए पेन किलर दवाईयों से बेहतर है प्राकृतिक घरेलू औषधियां जोकि किचंन में मौजूद रहती हैं। विभिन्न तरह के दर्द में प्राकृतिक आर्युवेदिक पेन किलर विस्तार से निम्नलिखित हैं।

दर्द मिटाने के आर्युवेदिक तरीके / Ayurvedic Pain Killer / Natural Painkiller / Prakritik Dard Niwark


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घाव दर्द, चोट से आराम 
शरीर में घाव बनने से होने वाले दर्द या जोड़ों के तीव्र दर्द से छुटाकरा के लिए 2 चम्मच ऐलोवेरा रस में आधा चम्मच से कम हल्दी पाउडर और चुटकी भर सेंधा नमक दूध में मिलाकर घोल पीने से चोट दर्द से आराम मिलता है। और घाव जल्दी ठीक होते हैं।

शरीरिक अंदुरूनी चोट, चोट सूजन, चोट घाव, चोट दर्द आदि चोट सम्बन्धित समस्याओं में 1 गिलास गनुगुने दूध में 1 चम्मच हल्दी मिलाकर पीयें। मात्र 4-5 दिन दूध हल्दी पीने से ही समस्या से 90 प्रतिशत तक छुटकारा मिल जाता है।

जोड़ों गठिया दर्द में 
सरसों तेल में लहसुन, चुटकी भर लाल मिर्च, हल्दी गर्म करें। फिर दर्द ग्रसित जोड़ गठिया अंगों पर रोज मालिश करें। यह एक तरह से प्राकृतिक पेन किलर आयल है।

पेट दर्द 
पेट दर्द यानिकि तीव्र पीड़ा होने पर हीेंग, एक चम्मच अजवाइन और तुलसी पत्ते गुनगुने पानी के साथ खाने से पेट दर्द तुरन्त ठीक हो जाता है।
लम्बे समय से पेट दर्द समस्या रहने पर 2 इंच अदरक को बारीक कूट कर 1 कप काढ़ा बनायें। ठंड़ा होने पर थोड़ी सी शहद मिलाकर दिन में 1 बार सेवन करें।

दांतों के दर्द 
दांत दर्द होने पर लौंग का चबा कर, दर्द वाले दांत से दबा कर रखनें से दांत दर्द शीध्र ठीक हो जाता है। दांतों पर सूजन होने पर काली मिर्च, नींम पाउडर मसूड़ों पर लगाने से दर्द सूजन ठीक हो जाता है। फिटकरी को गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करें।

सूजन मोच दर्द 
शरीर के अंगों में चोट से सूजन आने पर, और पैर मुडने, मोच आने पर प्याज रस पीयें, और प्याज, लहसुन, हल्दी को सरसों तेल में भून कर लेप सूजन मोच वाली जगह पर मालिश करें। तुरन्त आराम मिलता है।

जुकाम से गला दर्द 
जुकाम से गले के दर्द से निजात के लिए 25 ग्राम अदरक, 10 ग्राम मुलेटी, 20 ग्राम हरण पाउडर, चुटकी भर काला नमक, 1 लीटर पानी में मिला कर 10 मिनट हल्की आंच में उबालें। हल्का ठंडा, गुनगुना होने पर गरारा करें। इससे तुरन्त गले का दर्द मिट जाता है।
और अदरक, लहसुन बारीक कूटकर एक चम्मच शहद के साथ अच्छे 4-5 मिनट मिलायें। फिर अदरक, हलसुन, शहद मिश्रण खायें। यह मिश्रण गला दर्द, खांसी, तीब्र जुकाम के लिए एक साथ आरामदायक अचूक असदर औषधि है।

कान दर्द 
कान दर्द होने पर सरसों तेल, प्याज रस को गर्म कर गुनगुन ठंड़ा होने दे। फिर औषधि गुनगुना बूंदें कान में डालें, कान दर्द तुरन्त ठीक हो जाता है। 15-20 मिनट बाद कान से तेल गन्दगी की सफाई रूई की सहायता से ध्यान से करें। कान दर्द से आराम दिलाने में प्याज रस और सरसों तेल फायदेमंद है।
मेथी दानों को कूट कर तेल में पकायें। गुनगुना होने पर कान में डालने से दर्द से आराम मिलता है। कान में मैल जमने से होने वाले दर्द के लिए जैतून तेल गुनगुना कर कान में डालना फायदेमंद है।

दस्त लगने से होने वाला पेट दर्द 
दस्त - पेट खराब होने पर पेट दर्द में दही पके चावल खायें। दही चावल पेट दर्द दस्त रोकने में सहायक है। और आधा कप चायपत्ती का तेज गर्म पानी लें, उसमें आधा कप ठंड़ा पानी मिलाकर तुरन्त पीने से पेट दर्द दस्त से छटकारा दिलाने में सहायक है। नमक, मीठा, मिर्चीला नहीं खायें।
1 - 1 चम्मच जीरा और सौंफ को बारीक पीसकर पाउडर बना लें। फिर गुनगुने पानी मिलायें और छान कर पीयें।