अलग-अलग समस्याओं के लिए कुछ खास घरेलू औषधियां / HOME REMEDIES IN HINDI

पथरी / Kidney Stones
कुल्थ दाल रात को भिगोंकर रोज सुबह, दोपहर रात्रि का पानी पथरी रोगी को पिलाएं और 1-2 गिलास पानी हर दो घण्टे में पीने से पथरी पेशाब के रास्तें बाहर आ जाती है। यदि पथरी गुर्दे के बाहर हो।

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लकवा / Paralysisलकवा होने पर आंक के पत्तों को तवे में सरसों तेल के साथ पकायें और फिर पत्तों को लकवाग्रस्त अंग पर 20 मिनट तक मलते रहें और फिर उन्ही पत्तों को पके तवे के तेल में भिगो कर लकवाग्रस्त अंगों पर बांधने से 15 दिनों में लाभ मिल जायेगा। यह प्रक्रिया सुबह और रात को सोत समय करनी चाहिए।

पीलिया / Jaundiceपीलिया रोग होने पर गन्ना का रस एक रामबाण ईलाज है। गन्ने के ड़ठल को चूसें और उसका रस पीने से पीलिया दूर होता है। जौ को भून कर आटा सत्तू बना लें, सत्तू को गन्ने के रस के साथ खाने से पीलिया वक्त से पहले ही ठीक हो जाता है। और मूली की हरी पत्तियां का सेवन पीलिया के रोगी के लिए फायदेमंद है।

गठिया / Arthritis
गठिया रोगी के लिए मूली एक रामबाण औषधि है। रोगी को मूली का रस, अदरक का रस, पत्ता गोभी का रस, तीनों को मिला कर दिन में 2 बार पिलाने से गठिया से छुटकारा मिलता है। मूली में क्यारिन होता है।

मूली के बीजों को पीसें और तिली के तेल में भुनें। और शरीर के ग्रसित अंगों पर लेपें और पट्टी बांधें, गठिया से तुरन्त छुटकारा मिलेगा। लगभग 100 ग्राम छिली लहसुन को 20 एम.एल. मछली तेल में पकायें गलायें। हल्का ठंड़ा होने पर नित्य सुबह, रात्रि सोते समय ग्रसित अंगों पर मालिश करने से गठिया से जल्दी छुटकारा मिलता है।

गुर्दे का दर्द / Kidney Pain
गाजर के रस में दो रत्ती फिटकरी भस्म घोलकर पीने से बहुत आराम मिलता है। और मिर्च का सेवन बन्द कर दें तो 15 दिन में गुर्दे दर्द से छुटकारा मिल जायेगा।

मधुमेह / Diabetes
करेले और गाजर के रस को पीने से शुरूआती मधुमेह से छुटकारा मिलता है। और मधुमेह मरीज के लिए करेला, जामुन, नींम, कलौंजी, दालचीनी सेवन शुगर लेवल नियंत्रण में रखने का सफल अजमाये तरीके हैं।

एक्जींमा / Eczemaसोयाबीन का दूध एक्जींमा रोगी के लिए एक महत्वपूर्ण गुणकारी है। सोयाबीन में सम्पूर्ण गुण विघमान होते है जोकि एक्जींमा को दूर करने में सहयक है।

कुष्ठ कोढ़ / Kusht Rog
खैर का छिलका, आंवला, बड़ी इलायची, लौंग, नीबूं रस पीला संखिया का मिश्रण बराबर मात्रा में लेकर पत्थर में घोटें। और जहाँ पर सफेद दाग हों उन पर लगायें। धीरे-धीरे फायदा होगा। यह एक प्राचीन चमत्कारी आर्युवेद औषधि है।