लहसुन ऐलोपैथिक व आर्युवेदिक औषधि Health Benefits of Garlic in Hindi Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide लहसुन ऐलोपैथिक व आर्युवेदिक औषधि Health Benefits of Garlic in Hindi - Margdarsan, Health Tips News Hindi, Expert Advice, Enlighten, Pursuing Knowledge, Helping Guide

लहसुन ऐलोपैथिक व आर्युवेदिक औषधि Health Benefits of Garlic in Hindi

लहसुन खाने में तीखा व गंध युक्त है, परन्तु लहसुन एक आर्युवेदिक - ऐलोपैथिक औषधि रूप है। लहसुन में विटामिन ए, बी, और सी प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। लहसुन अपने आप में एक एन्टीबायोटिक है, इसमें फैगोसाइट्स, लिन्फोसाइट्स, टी-सेल्स योगिक गुणों से भरपूर स्रोत है। ऐलापैथिक विशेषज्ञ लहसुन के सेवन के विभिन्न प्रकार के फायदों के बारे में अक्सर सलाह देते रहते हैं। स्वस्थ व बीमार दोनो तरह के व्यक्तियों को लहसुन का सेवन करना चाहिए।

लहसुन कोई नुकसान नहीं करता, लहसुन किंचन में खाने में इस्तेमाल करें और रोज सुबह उठकर खाली पेट लहसुन की 3-4 कलियां जरूर खायें। लहसुन पाचन, त्वचा, बालों व आन्तरिक अंगों को रोगमुक्त और स्वस्थ रखने में फायदेमंद है। लहसुन सेवन धीरे-धीरे कई तरह की गम्भीर लाईलाज बीमारियों को जड़ से नष्ट करने में सहायक है। सर्दीयों में लहसुन को समान्तर मात्रा में सेवन करें, और गर्मियों में थोड़ा कम मात्रा में सेवन करें। लहसुन के चमत्कारी गुण फायदे विस्तार से निम्नलिखित है।

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  • लहसुन में एन्टीबायोटिक गुण होते हैं जिससे शरीर पर फोड़े फुन्सीयां होने पर लहसुन को पीसकर लेप पट्टी लगाने से शीघ्र ही आराम होता है। और लगभग एक सप्ताह में फोड़े - फुन्सीयां ठीक हो जाते हैं।
  • दिल से सम्बन्धित बीमारियों को होने से रोकता है, जिन लोगो को हार्ट की समस्या है उनके लिए रोज सुबह लहसुन की 4-5 कलिंया जरूर खाना चाहिए। लहसुन व मछली खाना हार्ट के मरीज के लिए रामबांण दवा की तरह है। लहसुन रक्त पतला करने में सहायक है। हार्ट अटैक की सम्भावनाएं ना के बराबर हो जाती है।
  • लहसुन व्यक्ति को ट्यूमर, कैंसर होने से बचाता है। और ट्यूमर, कैंसर मरीज के लिए लहसुन फायदेमंद है, और लगातार 6-7 महीने तक कच्ची हल्दी और लहसुन खाने से ट्यूमर-कैंसर 80 प्रतिशत कम हो जाता है। कैंसर ब्लड सेल्स को तेजी से सुधार करने में रोज सुबह शाम 3-4 लहसुन कलियां और कच्ची हल्दी 1-1 चम्मच रस मिश्रण सेवन करना फायदेमंद है।

  • चोट लगने पर लहसुन व सरसो तेल की मालिस करने से तुरन्त दर्द से आराम मिलता है, और चोटिल जगह पर दुबारा रक्त संचार पहले जैसा सुचारू करने में सहायक है। लहसुन सेवन चोटिल अंग को गांठ बनने, और संक्रमण होने से बचाने का अच्छा माध्यम है।
  • व्यक्ति को फ्लू इन्फलुएन्जा होने पर सुबह उठकर 5-6 लहसुन की कलियां हल्का चबाकर निघलने से फ्लू जल्दी ठीक हो जाता है।
  • रोज प्रात 2 लहसुन की कलियां खाने से त्वचा, चर्म रोग रोगों को शरीर में नहीं लगने देता। शरीर में रोगों व संक्रामण से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता को बढाता रहता है।
  • दांत में कीड़ा लगने पर हलसुन की एक कली कों दांत में दबाकर रखने से दांत दर्द से तुरन्त आराम मिलता है।
  • पाचन तंत्र के लिए लहसुन सेवन अति उत्तम औषधि रूप है, रोज सुबह लहसुन निघलने से पाचन तंत्र के साथ साथ शरीर का वजन भी नियन्त्रण में रहता है।

  • लहसुन के 2-3 कलियां प्रातकाल खाने से ब्लडप्रेशर नियन्त्रण में रहता है।
  • टीबी और खांसी में लहसुन को रोज खाने से सैकड़ो लाभ होते हैं। लहसुन और अदरक को शहद के साथ खाने से जुकाम व सर्दी छू मन्तर हो जाती है।
  • लहसुन व अदरक को गर्म पानी में पीने से अस्थमा मरीज के लिए रामबाण दवा का काम करता है।
  • ब्लड क्लोटिन्ग के लिए लहसुन अति उत्तम है, यानि कि जिन लोगा का ब्लड गाढ़ा हो जाता है, या फिर 50 साल की आयु के बाद ब्लड गाढ़ा होने लगता है जिससे क्लोटिन्ग होने लगाता है, लहसुन की 4 कलियां रोज प्रातकाल खायें। सैकड़ों फायदे ही फायदे हैं।
  • फैगोसाइट्स, लिन्फोसाइट्स, टी-सेल्स जैसे एन्टीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं, जोकि संक्रामक रोगों से बचाता है।
  • सर्दी से हलसुन व अदरक रस पीना अति गुणकारी है, रस से ठंड़ नहीं लगती और ठंड से होने वाले संक्रामक जुकाम, सर्दी, छींक, बुखार से बचाने में सक्षम है।
लहसुन फैगोसाइट्स, लिन्फोसाइट्स, टी-सेल्स जैसे एन्टीबायोटिक गुणों से भरपूर है। लहसुन किंचन में पकवान, व्यंजन तैयार करने में, लहसुन सुबह उठकर खाना-निघलना, लहसुन शरीर को निरोग स्वस्थ रोगमुक्त बनाये रखने में सहायक है। लहसुन एक तरह से किंचन में मौजूद महाऔषधि रूप है। लहसुन तीखे जरूर है। परन्तु स्वास्थ्य रक्षा-कवच बनाये रखने में सक्षम है।